“देश का नारा होना चाहिए जय जवान, जय किसान, जय संविधान” अखिलेश यादव

” अखिलेश यादव संविधान बयान में कहा कि देश का नारा “जय जवान, जय किसान, जय संविधान” होना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र, PDA, अधिकारों के संरक्षण और संविधान पर आए संकट को लेकर तीखे सवाल उठाए। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।”

अखिलेश यादव संविधान बयान में उठाया बड़ा सवाल, कहा— “संविधान बचेगा तो न्याय बचेगा”

लखनऊ। डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया।
अखिलेश यादव संविधान बयान देते हुए उन्होंने कहा कि “देश का नारा: जय जवान, जय किसान, जय संविधान होना चाहिए।”

अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान सिर्फ़ एक किताब नहीं बल्कि देश की बुनियाद है। लोकतंत्र की सबसे दुखद स्थिति यह है कि संसद में आज संविधान को बचाने की बहस हो रही है, जबकि संविधान के अनुसार देश को आगे बढ़ाने पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि—

  • “संविधान पर संकट, लोकतंत्र पर संकट है।”
  • “जो संविधान को कमजोर करना चाहते हैं, वे लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं।”
  • “संविधान हक देता है, और जो हक मारना चाहते हैं, वे संविधान को नकारते हैं।”


अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि संविधान ही PDA (पिछड़े–दबे–आमजन) का प्रकाश स्तंभ है, जो समाज के शोषित और उपेक्षित वर्गों को सुरक्षा देता है।

उन्होंने जोर देकर कहा—

  • “संविधान ही हमारी ढाल है।”
  • “संविधान है तो सुरक्षा है, शक्ति है।”
  • “संविधान लोकतंत्र की प्राणवायु है।”


अखिलेश यादव संविधान बयान में सबसे अहम पंक्ति यह रही:
“संविधान बचेगा तो न्याय बचेगा। और न्याय बचेगा तभी सबको बराबर का सम्मान और मौके मिलेंगे।”

उन्होंने ‘करो या मरो’ जैसी नई लोकतांत्रिक लड़ाई की बात करते हुए कहा कि संविधान की रक्षा PDA के लिए जन्म-मरण का प्रश्न है।

अंत में उन्होंने कहा— “सबको स्थान – सबको सम्मान। यही संविधान की आत्मा है।”

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल।

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