UP के YouTuber अनुराग द्विवेदी की लग्ज़री लाइफ पर सवाल: दुबई क्रूज वेडिंग से लेकर 10 करोड़ की सुपरकारें, दौलत का राज क्या?

 कुछ साल पहले तक यूपी के उन्नाव में साइकिल से चलने वाला अनुराग द्विवेदी आज लैंबॉर्गिनी और मर्सिडीज जैसी करोड़ों की गाड़ियों का मालिक बन चुका है। उसकी लाइफस्टाइल इतनी लग्ज़री हो गई कि उसने दुबई के महंगे क्रूज पर शादी की और गांव के रिश्तेदारों व परिचितों को फ्लाइट से दुबई बुलाकर वापस भेजा। इस शादी में बॉलीवुड की चर्चित हस्तियां भी शामिल हुईं, जिसने सभी को हैरान कर दिया।

शिकायत से शुरू हुई जांच, ED ने मारी रेड
अनुराग द्विवेदी की मुश्किलें तब बढ़ीं, जब उसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक शिकायत दर्ज हुई। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में उससे जुड़े कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।

ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए का खुलासा
जांच में मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के अवैध कारोबार से जुड़ा पाया गया। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए भारी रकम कमाई गई और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से पैसा विदेश भेजा गया। छापेमारी के दौरान सामने आई लग्ज़री लाइफस्टाइल ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया।

लैंबॉर्गिनी समेत चार लग्ज़री कारें जब्त
ED की कार्रवाई में चार महंगी गाड़ियां जब्त की गईं, जिनमें करीब 4 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली Lamborghini Urus, एक मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार शामिल हैं। इसके अलावा करीब 20 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए।

दुबई में प्रॉपर्टी, हवाला नेटवर्क का शक
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद कागजात से संकेत मिले हैं कि अनुराग ने दुबई में रियल एस्टेट में निवेश के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया। भारत में अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को विदेश भेजकर प्रॉपर्टी खरीदी गई।

3 करोड़ रुपये के मूवेबल एसेट्स फ्रीज
ED ने अनुराग द्विवेदी और उससे जुड़े लोगों के बैंक खातों, एफडी और बीमा पॉलिसियों की भी जांच की है। अब तक करीब 3 करोड़ रुपये के मूवेबल एसेट्स फ्रीज किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोधक कानून PMLA, 2002 के तहत की गई है।

सिलीगुड़ी से चल रहा था सट्टेबाजी नेटवर्क
पूरी जांच की जड़ पश्चिम बंगाल पुलिस की एक FIR है, जिसमें सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज पर सिलीगुड़ी से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल चलाने का आरोप है। ये लोग म्यूल बैंक अकाउंट, टेलीग्राम चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जुआ और बेटिंग का नेटवर्क चला रहे थे।

प्रमोशन के जरिए नेटवर्क से जुड़ा अनुराग
जांच में सामने आया कि अनुराग द्विवेदी इस नेटवर्क के प्रमोशन में अहम भूमिका निभा रहा था। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर होने के नाते वह अवैध बेटिंग ऐप्स के लिए वीडियो और कंटेंट बनाकर लोगों को दांव लगाने के लिए उकसाता था।

बेटिंग ऐप्स से आई काली कमाई
ED के मुताबिक, इन प्रमोशन के बदले मिली रकम हवाला और म्यूल अकाउंट्स के जरिए अनुराग और उसके परिवार के खातों तक पहुंचाई गई। जांच में इतनी बड़ी रकम का कोई वैध कारोबार सामने नहीं आया, जिसके बाद उसकी चमकदार कमाई अब कानूनी जांच के घेरे में है।

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