“लखनऊ में 2004 बैच की IAS अनामिका सिंह ने निजी कारणों से VRS की मांग की है। खाद्य आयुक्त पद पर तैनात अनामिका का निर्णय प्रशासन में नई हलचल पैदा कर रहा है। जानें पूरी खबर और बैकग्राउंड।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में एक बार फिर हलचल बढ़ी है। लखनऊ में तैनात 2004 बैच की IAS अधिकारी अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) की मांग कर सभी को चौंका दिया है।
वर्तमान में खाद्य आयुक्त (Food Commissioner) के पद पर कार्यरत अनामिका सिंह ने अपने पत्र में निजी कारणों को VRS का आधार बताया है। उनका कार्यकाल अभी लगभग 13 वर्ष बाकी है, ऐसे में उनका यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय पहले उन्होंने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) की मांग भी की थी, लेकिन उसके बाद अचानक VRS का अनुरोध सरकार को भेजा गया।
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई IAS अधिकारी समयपूर्व सेवानिवृत्ति (Premature VRS) ले चुके हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि—
“आखिर UP में IAS अधिकारियों के बीच VRS की प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है?”
सरकारी हलकों में अनामिका सिंह के कदम को एक बड़ा प्रशासनिक संकेत माना जा रहा है। तमाम अधिकारी इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे व्यापक सिस्टम से जुड़ी चुनौतियों का परिणाम भी मान रहे हैं।
VRS आवेदन पर सरकार का निर्णय जल्द आने की संभावना है।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल







