“उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2026-27 के लिए विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत ₹12.47 अरब की धनराशि मंजूर की। प्रति सदस्य ₹2.5 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई।”
हाइलाइट्स:
- 12.47 अरब रुपये की पहली किस्त जारी
- प्रति सदस्य 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति
- 499 विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को लाभ
- विधानसभा के 400 और परिषद के 99 सदस्य शामिल
- विकास कार्यों में पारदर्शिता के निर्देश
लखनऊ, संवाददाता:
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम किस्त के रूप में 12 अरब 47 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि जारी करने को मंजूरी दे दी है।
इस स्वीकृति के तहत विधान सभा और विधान परिषद के कुल 499 सदस्यों को प्रति सदस्य 2 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य करा सकेंगे।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा के 403 में से 400 सदस्यों (तीन सीटें रिक्त) के लिए 10 अरब रुपये (जीएसटी सहित) तथा विधान परिषद के 100 में से 99 सदस्यों (एक सीट रिक्त) के लिए 2 अरब 47 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इस प्रकार कुल 499 जनप्रतिनिधियों को प्रथम किस्त के रूप में 2.50 करोड़ रुपये प्रति सदस्य के हिसाब से कुल 12 अरब 47 करोड़ 50 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस धनराशि का उपयोग निर्धारित नियमों और मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार ही किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मानना है कि इस निधि के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
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