
नोएडा : उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न हुआ। मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 26.76 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 56.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले के 13 मतदान केंद्रों के 75 मतदेय स्थलों पर मतदान कराया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच बहस और नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आईं।
मेरठ में स्नातक और शिक्षक सीट पर मतदान का आंकड़ा
मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 31,169 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9,845 मतदाता अपने मताधिकार के लिए पंजीकृत थे।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक 7.12 प्रतिशत, दोपहर 12 बजे तक 8.30 प्रतिशत और दोपहर 2 बजे तक 18 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक 10.26 प्रतिशत, दोपहर 12 बजे तक 12.86 प्रतिशत और दोपहर 2 बजे तक 37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शाम 4 बजे मतदान समाप्त होने तक स्नातक सीट पर 26.76 प्रतिशत और शिक्षक सीट पर 56.03 प्रतिशत मतदान हुआ।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर 79.01 प्रतिशत मतदान
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 17 जिलों में मतदान पूरा हो गया। यहां कुल 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में भाजपा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह विवाद सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी की मौजूदगी में हुआ।
गौतम बुद्ध नगर में दोपहर 2 बजे तक मतदान
गौतम बुद्ध नगर में दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 38.72 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 26.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
साहिबाबाद में पहली बार वोट डालने पहुंचीं दिव्या
साहिबाबाद में शुक्रवार सुबह 8 बजे से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। इंदिरापुरम के मकनपुर स्थित नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में भी महिला और पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
पहली बार मतदान करने पहुंचीं दिव्या जोशी ने बैलेट पेपर के माध्यम से वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने अपनी उंगली पर लगी स्याही का निशान दिखाया। वहीं, 78 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. विमल जोशी ने भी मतदान किया।
मतदान करने पहुंचीं महिला मतदाताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और मार्किंग सिस्टम में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना भी चुनाव के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा।
नेवादा मतदान केंद्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष और सपा जिला उपाध्यक्ष में नोकझोंक
एमएलसी चुनाव के दौरान शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे नेवादा मतदान केंद्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य और सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज के बीच विवाद हो गया। मतदान केंद्र परिसर में वाहन लाने को लेकर शुरू हुई बहस के बाद कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
सामने आए वीडियो में धर्मराज मौर्य मतदान केंद्र परिसर में वाहन लाने का विरोध करते और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से परिसर में मौजूद वाहनों का चालान करने की बात कहते दिखाई देते हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई।
वहीं, सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा जिलाध्यक्ष पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सरोज के अनुसार, वह मतदान केंद्र पर एजेंट के रूप में मौजूद थे और पीठासीन अधिकारी द्वारा निर्धारित स्थान पर बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और उनके साथ बदसलूकी की।
घटना के बाद मतदान केंद्र पर कुछ समय तक गहमागहमी बनी रही, लेकिन बाद में माहौल शांत हो गया। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
भाजपा और सपा के बीच मुकाबले पर नजर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इस चुनाव को सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। मतदान के दौरान सामने आई बहस और विवाद की घटनाओं के बीच अब चुनाव परिणामों पर नजर रहेगी।








