
“बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। करीब 3.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से 75 गांव बाढ़ और कटान की चपेट में हैं। हेतमापुर समेत कई इलाकों में तेज कटान से ग्रामीण दहशत में हैं।“
बाराबंकी। लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू (घाघरा) नदी ने बाराबंकी में रौद्र रूप धारण कर लिया है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। करीब 75 गांव बाढ़ और कटान की चपेट में आ गए हैं।
आपदा विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बैराजों से करीब 3.95 लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
सरयू नदी में बढ़ते जलस्तर के पीछे बैराजों से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी भी बड़ी वजह है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुल 3,95,454 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गिरजा बैराज से 1,80,107 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,90,278 क्यूसेक, सरयू बैराज से 5,949 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 19,120 क्यूसेक पानी शामिल है।
बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के निचले और तटवर्ती क्षेत्रों पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन और आपदा विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों को बढ़ते जलस्तर और कटान को लेकर चिंता बनी हुई है।
75 गांव बाढ़ की चपेट में
सरयू के उफान का सबसे अधिक असर नदी के किनारे बसे गांवों पर पड़ा है। करीब 75 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। कई स्थानों पर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पानी बढ़ने लगा है। बाढ़ के साथ नदी के कटान ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सूरतगंज ब्लाक के हेतमापुर में नदी का कटान काफी तेज हो गया है। यहां नदी के किनारे स्थित एक मंदिर कटान के मुहाने पर पहुंच गया है। वहीं लंबे समय से बंद पड़ा दूरसंचार विभाग का बीएसएनएल भवन भी नदी के कटाव की जद में है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो भवन कभी भी नदी में समा सकता है।
कई गांवों में तेज हुआ कटान
रामसनेहीघाट तहसील के खेतासराय, गुनौली, चिर्रा और पठकनपुरवा में भी नदी का कटान तेज हो गया है। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के बबुरी गांव में भी कटान से ग्रामीण परेशान हैं। नदी लगातार जमीन काट रही है, जिससे ग्रामीणों के सामने खेत और आवासीय क्षेत्र बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो कई अन्य गांव भी प्रभावित हो सकते हैं। कटान को रोकने के लिए बाढ़ कार्यखंड की ओर से किए जा रहे प्रयासों को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण नदी के रुख पर नजर रखे हुए हैं।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
बाराबंकी में नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बारिश भी जारी है। दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार सुबह आठ बजे तक नवाबगंज में सात मिलीमीटर, रामसनेहीघाट में दो, फतेहपुर में 25, रामनगर में छह और सिरौलीगौसपुर में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हैदरगढ़ में बूंदाबांदी हुई।
बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में तटवर्ती गांवों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर बाढ़ का पानी गांवों और खेतों की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कटान के कारण नदी किनारे की जमीन तेजी से नदी में समा रही है। इससे प्रभावित गांवों में लोगों को अपने घर और फसल दोनों की चिंता सता रही है।
प्रशासन के सामने फिलहाल जलस्तर पर निगरानी रखने के साथ-साथ कटान प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य तेज करने की चुनौती है। आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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