वाराणसी में गंगा के ऊपर गरजेंगे 100 से ज्यादा विमान, 22, 23 और 25 अक्टूबर को होगा मेगा एयर शो

वाराणसी में 22, 23 और 25 अक्टूबर को मेगा एयर शो प्रस्तावित है। 100 से अधिक विमान गंगा के ऊपर उड़ान भरेंगे। 84 घाटों से शो देखने की व्यवस्था, 20 लाख लोगों के आने का अनुमान।

वाराणसी। काशी के गंगा घाट जल्द ही भारतीय वायुसेना के शौर्य और हवाई कौशल के गवाह बनने जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वाराणसी में 22, 23 और 25 अक्टूबर को मेगा एयर शो आयोजित करने की तैयारी है। प्रस्तावित कार्यक्रम में 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलीकाप्टर और एरोबेटिक टीमें गंगा के ऊपर अपने करतब दिखाएंगी।

इस भव्य आयोजन को देखने के लिए गंगा के 84 घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती पर दर्शकों के लिए व्यवस्था किए जाने की योजना है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूर्वांचल के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग काशी पहुंच सकते हैं।

22, 23 और 25 अक्टूबर को होगा एयर शो

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वाराणसी में 22, 23 और 25 अक्टूबर को एयर शो होगा। शो के दौरान विमान दोपहर करीब 12 बजे से ढाई बजे तक आसमान में अपनी क्षमता और हवाई कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

विमानों की उड़ान और प्रदर्शन का क्षेत्र गंगा के ऊपर रहेगा, जिससे घाटों पर मौजूद लोग इसे आसानी से देख सकेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए भारतीय वायुसेना और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।

100 से ज्यादा विमान और हेलीकाप्टर होंगे शामिल

एयर शो में 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलीकाप्टर और एरोबेटिक टीमें हिस्सा ले सकती हैं। विमानों के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के अलावा प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और गाजीपुर से उड़ान की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इस आयोजन का एक उद्देश्य युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों की कार्यप्रणाली, साहस और हवाई क्षमता से परिचित कराना भी बताया गया है। वायुसेना के हवाई करतब युवाओं को सेना में करियर और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन सकते हैं।

20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान

एयर शो के दौरान वाराणसी में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर पूर्वांचल, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से करीब 20 लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन के सामने यातायात, पार्किंग, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ नियंत्रण की बड़ी चुनौती होगी।

50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान

आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसमें सड़क और पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, फायर ब्रिगेड, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

गंगा पार डोमरी क्षेत्र में नई सड़कों और पार्किंग की व्यवस्था किए जाने की भी तैयारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कार्यक्रम के दौरान घाटों और प्रमुख मार्गों पर भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जाए।

ड्रोन उड़ाने पर रहेगी रोक, सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी

एयर शो को देखते हुए वायुसेना ने ड्रोन उड़ाने पर रोक को लेकर पुलिस और प्रशासन को विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था बनाने को कहा गया है, जिससे प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत ड्रोन की गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन पूर्व में देव दीपावली और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान अपनाई गई भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को भी इस आयोजन की योजना में शामिल कर रहा है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया की योजना भी तैयार की जा रही है।

वायुसेना और प्रशासन के बीच हुई बैठक

मध्य वायु कमान, प्रयागराज के ग्रुप कैप्टन जितेंद्र पांडेय के नेतृत्व में शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें एयर शो से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और तैयारियों की समीक्षा की गई।

ग्रुप कैप्टन ने आयोजन से जुड़े अधिक से अधिक विभागों को तैयारी में शामिल करने पर जोर दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शनिवार को संभावित आयोजन स्थलों और घाटों का निरीक्षण भी किया।

घाटों से मिट्टी हटाना और मरम्मत बड़ी चुनौती

एयर शो से पहले प्रशासन के सामने घाटों की सफाई और मरम्मत भी बड़ी चुनौती है। गंगा का जलस्तर अभी भी 67 मीटर से ऊपर बताया गया है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबी हुई हैं, जबकि जिन हिस्सों से पानी उतर चुका है, वहां करीब दो फीट तक मिट्टी और मलबा जमा है।

लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर भी धीमी गति से घट रहा है। ऐसे में घाटों की सफाई के लिए प्रशासन के पास सीमित समय है। नगर निगम को अगले 20 से 25 दिनों में घाटों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

घाटों की टूटी सीढ़ियों की भी होगी मरम्मत

सफाई के साथ-साथ कई घाटों पर क्षतिग्रस्त सीढ़ियों और धंसे हुए हिस्सों की मरम्मत भी जरूरी है। एयर शो के दौरान बड़ी संख्या में लोग घाटों पर मौजूद रहेंगे, इसलिए कमजोर या क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिन्हित कर आवश्यक मरम्मत कराने की तैयारी है।

मौसम भी तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 24 सितंबर के बाद मौसम में फिर बदलाव की संभावना है। इसके बाद बारिश की स्थिति को देखते हुए घाटों की सफाई और अन्य तैयारियों को तेजी से पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

84 घाटों और गंगा पार रेती से दिखेगा एयर शो

एयर शो की खास बात यह होगी कि इसके लिए किसी एक स्थान तक सीमित दर्शक क्षेत्र नहीं होगा। योजना के अनुसार वाराणसी के 84 घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती से लोग आसमान में होने वाले हवाई प्रदर्शन को देख सकेंगे।

इतने बड़े क्षेत्र में दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को भीड़ के आवागमन, निकासी मार्ग, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत व्यवस्था करनी होगी।

काशी में एयर शो के पीछे क्या है उद्देश्य?

वाराणसी में एयर शो आयोजित करने के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को भारतीय वायुसेना और सशस्त्र बलों की क्षमताओं से परिचित कराना है। पूर्वांचल और आसपास के राज्यों से आने वाले युवाओं को वायुसेना के विमानों और एरोबेटिक प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करने की योजना है।

गंगा, घाट और काशी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच होने वाला यह आयोजन शहर में आने वाले लाखों दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

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