प्रशांत किशोर कांग्रेस में होंगे शामिल? प्रियंका गांधी से दो घंटे की बैठक ने बढ़ाया सस्पेंस

प्रशांत किशोर कांग्रेस एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। प्रियंका गांधी से दो घंटे की मुलाकात के बाद उत्तर भारत, यूपी और बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा। पूरी खबर पढ़ें।”

हाईलाइट :

  • प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी के बीच नई दिल्ली में अहम बैठक
  • उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति पर हुई विस्तृत चर्चा
  • कांग्रेस में प्रशांत किशोर की संभावित एंट्री को लेकर अटकलें
  • 2022 में भी कांग्रेस नेतृत्व को दे चुके हैं रणनीतिक प्रस्ताव
  • जन सुराज के बावजूद कांग्रेस से संवाद पूरी तरह खत्म नहीं

प्रशांत किशोर कांग्रेस एंट्री को लेकर एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से हालिया मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

नई दिल्ली में अहम मुलाकात

सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई और करीब दो घंटे तक चली। बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार सहित उत्तर भारत के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठनात्मक कमजोरियों और आगामी चुनावी रणनीति पर गहन चर्चा हुई।

हालांकि, इस बैठक को लेकर कांग्रेस या प्रशांत किशोर की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

प्रियंका गांधी का बयान

जब प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मुलाकात पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा—

“ये कोई खबर नहीं है, दूसरे जरूरी मुद्दों पर बात कीजिए।”

लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जिस समय और संदर्भ में यह मुलाकात हुई है, वह इसे एक सामान्य भेंट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

उत्तर भारत में खोई जमीन वापस पाने की कोशिश

विशेषज्ञों के अनुसार कांग्रेस उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार कमजोर होती स्थिति से बाहर निकलने के लिए नए रणनीतिक विकल्प तलाश रही है। ऐसे में प्रशांत किशोर जैसे अनुभवी चुनावी रणनीतिकार से संवाद को रणनीतिक संकेत माना जा रहा है।

पहले भी हो चुका है संवाद

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत हुई हो।

  • 2021 में कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए विस्तृत रोडमैप
  • अप्रैल 2022 में सोनिया गांधी के आवास पर प्रेजेंटेशन
  • कांग्रेस के एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप में शामिल होने का प्रस्ताव
  • प्रशांत किशोर ने संगठनात्मक सुधारों का हवाला देकर प्रस्ताव ठुकराया

जन सुराज के बाद भी संवाद जारी

इसके बाद प्रशांत किशोर ने बिहार में जन सुराज अभियान शुरू कर अपनी अलग राजनीतिक राह चुनी, लेकिन कांग्रेस से संवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया बैठक आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों की भूमिका तैयार कर सकती है।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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