योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी, उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलिंडर

“योगी कैबिनेट की 9 अक्टूबर की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी और उज्ज्वला लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त LPG सिलिंडर समेत करीब तीन दर्जन प्रस्तावों पर फैसला होगा।“

लखनऊ। दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कई वर्गों को राहत और सुविधाएं देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को लोक भवन में होने वाली कैबिनेट बैठक में करीब तीन दर्जन प्रस्ताव रखे जाने हैं। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त एलपीजी सिलिंडर देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

कैबिनेट बैठक में शहरी परिवहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, औद्योगिक विकास, व्यापारियों की राहत, कृषि खरीद और मेडिकल शिक्षा से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी निर्णय होने की संभावना है।

करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी अतिरिक्त साड़ी

योगी सरकार प्रदेश की करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने की तैयारी में है। कैबिनेट बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।

दीपावली से पहले इस फैसले को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उज्ज्वला लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त LPG सिलिंडर

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दीपावली पर मुफ्त एलपीजी सिलिंडर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

इस प्रस्ताव के लागू होने से उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को त्योहार के दौरान रसोई गैस के खर्च से राहत मिलेगी। सरकार की ओर से त्योहार से पहले यह कदम गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

18 शहरों में चलेंगी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 शहरों में जीसीसी (ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल पर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

इन शहरों में शामिल हैं—

  • आगरा
  • अलीगढ़
  • अयोध्या
  • बरेली
  • फिरोजाबाद
  • गाजियाबाद
  • गोरखपुर
  • झांसी
  • कानपुर
  • लखनऊ
  • मथुरा-वृंदावन
  • मेरठ
  • मुरादाबाद
  • प्रयागराज
  • शाहजहांपुर
  • सहारनपुर
  • वाराणसी
  • नोएडा और जेवर

योजना के तहत प्रति एक लाख आबादी पर 30 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। अगले चार वित्तीय वर्षों में इन शहरों के लिए करीब 6650 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की योजना है।

यूपी-एआई मिशन और स्टार्टअप क्रय योजना को भी मंजूरी

कैबिनेट में उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) की स्थापना, क्रियान्वयन और संचालन से संबंधित प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को मंजूरी दिए जाने की तैयारी है। इसके तहत प्रदेश में विकसित स्टार्टअप के उत्पादों और सेवाओं को सरकारी खरीद में अवसर मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

यह योजना राज्य के स्थानीय स्टार्टअप को सरकारी बाजार उपलब्ध कराने और नवाचार आधारित कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर फैसला

औद्योगिक निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट में कई नीतिगत प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। इनमें औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 शामिल है।

इसके साथ भूमि आवंटियों को परिचालन संबंधी लचीलापन देने वाली नीति और उत्तर प्रदेश सतत विमानन ईंधन (SAF) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।

औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए सरकारी सड़क भूमि के हस्तांतरण से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आएगा।

मीरजापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर के लिए धनराशि का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत मीरजापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को धनराशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा।

इसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में शहरी विस्तार और आधारभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को गति देना है।

व्यापारियों को राहत के लिए ब्याज माफी योजना

व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन अध्यादेश-2026 को भी मंजूरी दिए जाने की संभावना है। दोनों प्रस्तावों पर अंतिम फैसला कैबिनेट की स्वीकृति के बाद होगा।

मेडिकल छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव

राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों से BAMS, BUMS और BHMS उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए भी राहत की तैयारी है।

रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।

धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद नीति पर फैसला

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान और मोटे अनाज की खरीद नीति भी कैबिनेट में रखी जाएगी।

इसमें धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसके साथ ही धान और मोटे अनाज की खरीद के लिए केंद्र सरकार से आवंटित बोरों की खरीद का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है।

भदोही का नाम बदलकर होगा संत रविदासनगर भदोही

कैबिनेट बैठक में भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूर्व घोषणा के क्रम में लाया जा रहा है।

इसके अलावा राजस्व संहिता नियमावली-2016 में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

दीपावली से पहले कई वर्गों को राहत देने की तैयारी

योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक का एजेंडा सामाजिक कल्याण से लेकर परिवहन, कृषि, उद्योग, स्टार्टअप और शहरी विकास तक फैला हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी और उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलिंडर जैसे प्रस्ताव सीधे तौर पर आम लोगों और लाभार्थी वर्ग से जुड़े हैं।

वहीं इलेक्ट्रिक बसों, यूपी-एआई मिशन, स्टार्टअप क्रय योजना और औद्योगिक नीतियों से जुड़े प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में परिवहन, तकनीक और निवेश के ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय के बाद ही इनके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी।

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