कैसे हो इलाज, फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहे हैं अस्पताल

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज नेटवर्क। 

माधौगंज-हरदोई। पशु अस्पतालों में लंबे समय से डाक्टरों का टोटा बना हुआ है। कोई अस्पताल फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है तो किसी में ताला लटका है। केवल दो डाक्टरों के भरोसे क्षेत्र की 18 अस्थाई गोशालाएं हैं। 


पशुओं की सेहत की देखरेख के लिए शासन ने ब्लॉक में माधौगंज, सदरपुर, कुरसठ, समुखा व राघौपुर में पशु अस्पताल खोले थे। अब बात करें यहां पर मौजूद स्टॉफ की तो माधौगंज में डॉ.जय सिंह यादव, चतुर्थ श्रेणी कर्मी अवधेश कुमार, राघौपुर में डॉ. अनिल कुमार तैनात हैं। जबकि सदरपुर व कुरसठ में फार्मेसिस्ट अशद अहमद व अजय कुमार की तैनाती है। समुखा में स्टॉफ न होने के कारण ताला लटका हुआ है। यहां के लोगों ने बताया कि यदा-कदा डॉॅ. जय सिंह आते हैं। स्टॉफ का टोटा होने के कारण ब्लॉक में दो डाक्टर के भरोसे 18 अस्थायी गोशालाओं के 1612 पशुओं के देखभाल की जिम्मेदारी है। पशु पालक हरीशचंद्र, देशराज यादव, शिवकुमार, श्रीराम, भानु, हनीफ आदि ने बताया कि डाक्टर के न मिलने पर वह गांव के झोला छाप डाक्टरों से पशुओं का इलाज कराते है। कभी कभी गलत इलाज से पशुओं की मौत हो जाती है। डॉ. जय सिंह ने बताया कि लंपी रोग से बचाव के लिए अब तक दस हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। 


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