“सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रही” – अजय राय

हाइलाइट्स :

  • मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस का सत्याग्रह
  • अजय राय ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया
  • प्रमोद तिवारी बोले- सरकार कांग्रेस से डरी हुई
  • प्रदेशभर में सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत 17 फरवरी को हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को राजधानी लखनऊ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। यह धरना कांग्रेस मुख्यालय में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अगुवाई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने की। उनके साथ राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, विधायक वीरेन्द्र चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

“विरोध करना संवैधानिक अधिकार”

अजय राय ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रही है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर सरकार ने अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाई है। कांग्रेस का कार्यकर्ता इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हम महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।”

अजय राय ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई बंद नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी।

मदरसों की जांच पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मदरसों की जांच को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दुर्भावना और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कार्रवाई कर रही है, जिसे उन्होंने राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। उन्होंने मांग की कि ऐसी कार्रवाइयां तत्काल रोकी जाएं।

“सरकार कांग्रेस से डरी हुई है”

प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कानूनी नोटिस देना, हाउस अरेस्ट करना और रास्तों में रोकना इस बात का संकेत है कि सरकार विपक्ष से भयभीत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सख्त और दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम जुड़ा होने के कारण भाजपा इसे कमजोर कर रही है। उनके अनुसार, यदि यह योजना प्रभावित होती है तो करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं के रोजगार पर असर पड़ेगा।

2027 चुनाव को लेकर दावा

प्रमोद तिवारी ने कहा कि आंदोलन में कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा और कांग्रेस मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी।

मनरेगा को बताया ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार

विधायक वीरेन्द्र चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने में इस योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रदेशभर में सत्याग्रह की तैयारी

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लखनऊ की तरह ही प्रदेश के सभी जिलों में सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

कुल मिलाकर, राजधानी में आयोजित यह सत्याग्रह कांग्रेस द्वारा सरकार की कथित दमनात्मक कार्रवाई के विरोध का राजनीतिक प्रदर्शन रहा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button