“लखनऊ के आशियाना स्थित स्मृति उपवन में आज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ की शुरुआत करेंगे। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में गो-ध्वज प्रतिष्ठा, गोमय गणेश पूजन और धर्मयुद्ध शंखनाद होगा।”
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में आज गौ-संरक्षण और गौ-सम्मान को लेकर एक बड़ा धार्मिक-सामाजिक अभियान शुरू होने जा रहा है। Swami Avimukteshwaranand Saraswati बुधवार को लखनऊ के Smriti Upvan में ‘गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्माओं, विद्वानों और बड़ी संख्या में गोभक्तों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ-माता के सम्मान और उनकी प्रतिष्ठा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के माध्यम से गौ-संरक्षण के मुद्दे पर व्यापक जनजागरण चलाने का संदेश दिया जाएगा।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगी। इसमें मंगलाचरण, गोमय गणेश पूजन, गो-ध्वज प्रतिष्ठा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद संत-महात्माओं और विद्वानों के संबोधन होंगे।
आयोजन का प्रमुख आकर्षण ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद होगा, जिसके माध्यम से गौ-संरक्षण के लिए व्यापक आंदोलन चलाने की घोषणा की जा सकती है। कार्यक्रम में संतों, सामाजिक संगठनों और गो-सेवा से जुड़े लोगों के विचार भी सामने आएंगे।
गौ-संरक्षण के मुद्दे पर जनजागरण
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गौ-संरक्षण भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा विषय है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया जा रहा है, ताकि लोगों को गौ-संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जा सके।
बताया जा रहा है कि लखनऊ से शुरू होने वाला यह अभियान आगे देश के विभिन्न हिस्सों में भी चलाया जाएगा। इसके तहत संत-महात्मा और सामाजिक संगठन अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जोड़ने का प्रयास करेंगे।
सरकार को चेतावनी का संकेत
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि गौ-संरक्षण के मुद्दे पर सत्ता की उदासीनता गौ-भक्तों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उनका कहना है कि लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम सरकार के लिए एक तरह की चेतावनी भी माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि गौ-संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संत समाज और गोभक्त व्यापक आंदोलन के लिए भी बाध्य हो सकते हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना
आयोजन को लेकर राजधानी में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। इसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
लखनऊ से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले समय में गौ-संरक्षण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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