“उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल Detailed Project Report (DPR) जमा करने वाले युवाओं को ही 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी फ्री लोन मिलेगा। MSME विभाग ने विशेषज्ञों की मदद और भौतिक सत्यापन की नई व्यवस्था लागू की है। पढ़ें पूरी खबर।“
लखनऊ। Yogi Adityanath सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब योजना के तहत केवल उन्हीं युवाओं को ऋण का लाभ मिलेगा, जो अपने प्रस्तावित उद्यम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर जमा करेंगे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने योजना की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की है।
अब तक योजना के तहत केवल ऑनलाइन आवेदन और उद्यम की सामान्य जानकारी देने पर ऋण स्वीकृत हो जाता था, लेकिन विभाग को कई मामलों में परियोजनाओं की व्यवहारिकता और तैयारी को लेकर समस्याएं सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए अब डीपीआर अनिवार्य कर दी गई है, ताकि युवा पूरी तैयारी और स्पष्ट व्यवसायिक योजना के साथ उद्यम शुरू करें।
विशेषज्ञ करेंगे युवाओं की मदद
एमएसएमई विभाग ने युवाओं को डीपीआर तैयार करने में सहायता देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को योजना से जोड़ा है। ये विशेषज्ञ संबंधित व्यवसाय की लागत, मशीनरी, बाजार, उत्पादन क्षमता, मुनाफा और संभावित जोखिमों को समझाने में मदद करेंगे। विभाग का मानना है कि इससे युवाओं के उद्यम अधिक सफल और टिकाऊ बन सकेंगे।
योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला के मुताबिक, आवेदन करने वाले युवाओं से अब विशेषज्ञ सीधे बातचीत कर रहे हैं। विभाग की कोशिश है कि ऋण लेने से पहले युवा अपने व्यवसाय को लेकर पूरी जानकारी हासिल करें और व्यवहारिक समझ विकसित करें।
वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए 400 बिजनेस आइडिया
युवाओं को उद्यम चयन में सहायता देने के लिए विभाग की वेबसाइट पर करीब 400 प्रकार के ऑनलाइन बिजनेस आइडिया उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े कई विकल्प शामिल हैं। हालांकि युवा अपनी पसंद और स्थानीय जरूरत के अनुसार किसी अन्य क्षेत्र में भी उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
मशीनरी सप्लायर से भी कराया जाएगा संपर्क
विभाग अब युवाओं को केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उन्हें व्यवसाय शुरू करने की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन भी देगा। इसके तहत जिस क्षेत्र में युवा उद्यम शुरू करना चाहते हैं, उससे जुड़े मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं और विशेषज्ञ एजेंसियों से भी संपर्क कराया जा रहा है।
भौतिक सत्यापन भी शुरू
एमएसएमई विभाग ने अब ऋण लेने वाले युवाओं का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और गंभीर उद्यमियों तक पहुंचे। विभाग का मानना है कि इससे फर्जी या केवल कागजी आवेदन पर रोक लगेगी।
बिना ब्याज और गारंटी के मिलता है ऋण
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर की गई थी। योजना के तहत पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के दिया जाता है। समय से ऋण चुकाने पर उद्यम विस्तार के लिए दोबारा भी ऋण की सुविधा उपलब्ध है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 1.69 लाख से अधिक युवाओं को योजना के तहत ऋण वितरित किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य राज्य में रोजगार मांगने वालों की बजाय रोजगार देने वाले युवाओं की संख्या बढ़ाना है।
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