“योगी आदित्यनाथ बयान सुहेलदेव: योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कार्यक्रम के दौरान महाराज सुहेलदेव और सालार मसूद को लेकर बड़ा बयान दिया, नायकों के सम्मान पर जोर।“
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “गाजी मियां (सालार मसूद) माफिया से कम नहीं था, जिसे महाराज सुहेलदेव ने समाप्त किया।”
‘महाराज सुहेलदेव के शौर्य को जानना जरूरी’
सीएम योगी ने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले महाराज सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ जो शौर्य दिखाया, उसे समाज को जानना और समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराज सुहेलदेव ने न केवल आक्रांताओं को रोका, बल्कि उन्हें ऐसी सजा दी कि दोबारा कोई भारत की संस्कृति और मंदिरों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके।
सालार मसूद पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने सालार मसूद को “माफिया” करार देते हुए कहा कि उसने मंदिरों को तोड़ा और समाज को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि “आज के माफियाओं की तरह ही उसका भी स्वरूप था, जिसे खत्म करना आवश्यक था।”
भारतेंदु नाट्य अकादमी का लोकार्पण और कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के भवन और दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से इनका जीर्णोद्धार कराया गया है।
इस मौके पर कलाकारों और छात्रों को सम्मानित किया गया तथा ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम 12 अप्रैल तक जारी रहेगा।
‘नायकों को सम्मान देने में चूक हुई’
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि उसने अपने वास्तविक नायकों को उचित सम्मान नहीं दिया।
उन्होंने कहा,
“एक समय ऐसा आया जब हमारे नायकों को खलनायक और खलनायकों को नायक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका असर समाज पर भी पड़ा।”
रामायण का उदाहरण देकर संस्कृति पर जोर
सीएम ने भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे लोकप्रिय धारावाहिक रामायण है, जो समाज की संवेदनाओं और मूल्यों को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज अपनी परंपराओं और विरासत को सम्मान देना जानता है।
‘सुहेलदेव की जगह मसूद का मेला लगता था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय बहराइच में उस स्थान पर, जहां महाराज सुहेलदेव ने सालार मसूद को पराजित किया था, वहीं मसूद के नाम पर मेला लगता था और सुहेलदेव का नाम तक नहीं लिया जाता था।
उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है और लोग महाराज सुहेलदेव के स्मारक पर पहुंच रहे हैं।
रंगमंच को बताया जनचेतना का माध्यम
सीएम योगी ने रंगमंच की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि
“रंगमंच वह स्थान है, जहां भावनाएं शब्द बनती हैं और शब्द अभिनय बनकर समाज में जनचेतना पैदा करते हैं।”
सीएम योगी का यह बयान एक बार फिर इतिहास, संस्कृति और वर्तमान राजनीति के मुद्दों को केंद्र में ले आया है। इससे पहले भी उनके ऐसे बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनते रहे हैं।









