“लखनऊ में करीब 70 जज साइकिल से कोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश चौहान ने अभियान को हरी झंडी दिखाई। पेट्रोल-डीजल बचत, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए यह अनोखी पहल की गई।“
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर अनोखी पहल की। जिले के करीब 70 जज साइकिल से अदालत पहुंचे और आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अभियान का नेतृत्व जिला जज मलखान सिंह ने किया, जबकि राजेश चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

डालीबाग से कोर्ट तक साइकिल यात्रा
सुबह करीब नौ बजे जिला जज मलखान सिंह के डालीबाग स्थित आवास पर न्यायिक अधिकारी एकत्र हुए। यहां से सभी जज साइकिलों पर सवार होकर अपने-अपने न्यायालयों के लिए रवाना हुए।
इस दौरान साइकिलों पर “एक राष्ट्र, एक संकल्प”, “ईंधन बचाओ”, “हरित एवं मजबूत राष्ट्र बनाओ” जैसे संदेश लिखी तख्तियां लगाई गई थीं। सड़क पर जजों का यह अनोखा काफिला लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।

जस्टिस राजेश चौहान ने सराहा अभियान
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस राजेश चौहान ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ऐसे अभियानों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और समाज को नई दिशा मिलती है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर वर्ग छोटे-छोटे प्रयास करे तो ईंधन संकट और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
जिन्हें साइकिल चलानी नहीं आती, वे ई-रिक्शा से पहुंचे
अभियान में शामिल कुछ न्यायिक अधिकारियों को साइकिल चलानी नहीं आती थी। ऐसे अधिकारी ई-रिक्शा और ई-वाहनों से अदालत पहुंचे। कई अधिवक्ता भी इस पहल में शामिल हुए और साइकिल या ई-रिक्शा के जरिए कोर्ट पहुंचे।

इस दौरान लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर जजों की इस पहल की सराहना की।
ईंधन संकट और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बढ़ते ईंधन संकट के प्रति लोगों को जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल उपभोग और प्रदूषण को देखते हुए वैकल्पिक साधनों को अपनाना जरूरी हो गया है। आने वाले समय में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
पीएम मोदी की अपील से प्रेरित पहल
न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील से प्रेरित है।
इस पहल के जरिए आम जनता को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
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