“लखनऊ में बढ़ती बिजली कटौती और जनता के विरोध के बीच ऊर्जा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने विभिन्न जिलों से 44 अधिशासी अभियंताओं को राजधानी में तैनात किया है। एमडी रिया केजरीवाल ने तत्काल कार्यमुक्त कर जॉइनिंग के निर्देश दिए हैं।“
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ रही बिजली कटौती और जनता के विरोध के बीच ऊर्जा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से 44 अधिशासी अभियंताओं को लखनऊ बुलाकर अलग-अलग वितरण क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, राजधानी में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर सरकार और बिजली विभाग दोनों की लगातार किरकिरी हो रही है। कई इलाकों में लोगों का विरोध प्रदर्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली कर्मचारियों की संख्या में कमी आई, जिससे फॉल्ट सुधार और आपूर्ति बहाली में देरी होने लगी। यही वजह है कि संकट और गहरा गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष गोयल ने हाल ही में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि राजधानी की बिजली व्यवस्था हर हाल में दुरुस्त की जाए और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद ऊर्जा विभाग ने बड़े स्तर पर तबादले और तैनाती की कार्रवाई शुरू की। शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, महाराजगंज, सीतापुर, उन्नाव, पीलीभीत, नानपारा, गोला, सुल्तानपुर और अन्य जिलों से अधिकारियों को लखनऊ के अमौसी, जानकीपुरम, गोमतीनगर और लखनऊ मध्य क्षेत्र में भेजा गया है।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती से फॉल्ट सुधार, लाइन मॉनिटरिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। वहीं राजधानी के लोगों को भी उम्मीद है कि भीषण गर्मी के बीच अब बिजली संकट से कुछ राहत मिल सकेगी।
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