राहुल गांधी दोहरी नागरिकता मामला: हाई कोर्ट ने केंद्र के रिकॉर्ड की जांच से किया इनकार

संवेदनशील बताते हुए चैंबर में हुई सुनवाई; 15 अप्रैल को अगली तारीख, याचिकाकर्ता ने FIR दर्ज करने की उठाई मांग

राहुल गांधी दोहरी नागरिकता मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार के रिकॉर्ड की जांच से फिलहाल इनकार किया। जानें अगली सुनवाई की तारीख और पूरा मामला।

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता विवाद मामले में केंद्र सरकार के रिकॉर्ड की जांच करने से फिलहाल इनकार कर दिया है।

न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह स्पष्ट किया कि इस स्तर पर अदालत न तो आरोपों की सत्यता की जांच करने का प्रस्ताव करती है और न ही केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया है।

यह सुनवाई सामान्य अदालत कक्ष के बजाय जज के चैंबर में की गई, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस मामले को संवेदनशील बताया था। आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार के अधिकारी आवश्यक रिकॉर्ड के साथ उपस्थित थे, लेकिन अदालत ने उन्हें देखने से परहेज किया।

मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है। यह याचिका भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई है, जिसमें 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी।

निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि नागरिकता का निर्धारण करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वहीं याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की है।

याचिका में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।

इससे पहले सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह पूछा था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है। इसके बाद अदालत ने गृह मंत्रालय से संबंधित सभी रिकॉर्ड तलब किए थे, लेकिन अब फिलहाल उन दस्तावेजों की जांच से इनकार कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि यह मामला पहले रायबरेली की एक विशेष अदालत में दायर किया गया था, जिसे 17 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट ने लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button