“भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को बड़ा झटका देते हुए उनकी ट्रांजिट जमानत पर रोक लगा दी। तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक, असम केस में बढ़ी मुश्किलें।“
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता Pawan Khera को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। Supreme Court of India ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर अंतरिम रोक लगा दी है।
यह मामला असम में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर कार्रवाई की गई थी।
कोर्ट ने जारी किया नोटिस
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने असम सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और कहा कि मामले के सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश के प्रभाव पर रोक रहेगी।
असम सरकार ने दी चुनौती
असम सरकार ने Telangana High Court के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि खेड़ा की याचिका में तेलंगाना हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को लेकर पर्याप्त आधार नहीं था।
हाई कोर्ट ने दी थी राहत
गौरतलब है कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे संबंधित अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकें।
हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ यह राहत दी थी, जिसमें जांच में सहयोग करना और बिना अनुमति देश न छोड़ना शामिल था।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, पवन खेड़ा ने हाल ही में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका खुलासा चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
इसी बयान के बाद उनके खिलाफ असम में मामला दर्ज किया गया था।
आगे की राह
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब पवन खेड़ा को राहत के लिए असम की सक्षम अदालत का रुख करना होगा। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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