योगी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: सरकारी वकीलों का भत्ता बढ़ा, वाहन मालिकों को OTS योजना में राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी, सरकारी वकीलों के मानदेय में 50% तक बढ़ोतरी, मक्का का MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय और 8.50 लाख वाहन मालिकों को OTS योजना के तहत बड़ी राहत।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। सरकारी वकीलों के भत्ते में 50% तक बढ़ोतरी, मक्का का MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल, 8.5 लाख वाहन स्वामियों के लिए OTS योजना, नई जेलों और इलेक्ट्रिक बसों को भी मंजूरी मिली।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, न्यायिक व्यवस्था, परिवहन, कृषि और कारागार प्रशासन से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी, मक्का खरीद नीति, वाहन कर बकायेदारों के लिए राहत योजना और नई जेलों के निर्माण जैसे कई अहम निर्णय शामिल हैं।

सरकारी वकीलों के भत्ते और फीस में बड़ी बढ़ोतरी

कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में जिला न्यायालयों से लेकर उच्चतम न्यायालय तक सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की फीस और भत्तों में वृद्धि शामिल है।

सरकार का कहना है कि महाधिवक्ता और सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में कई वर्षों से संशोधन नहीं हुआ था। नई व्यवस्था के तहत जिला न्यायालयों में कार्यरत सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी।

इसके अलावा एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स और एडवोकेट जनरल के मानदेय में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे न्यायिक कार्यों में बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

किसानों के लिए खुशखबरी, मक्का का MSP तय

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

सरकारी खरीद अभियान 5 जून से 31 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। राज्य के विभिन्न जिलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

8.50 लाख वाहन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा

परिवहन विभाग की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत पहली बार वाहन कर बकायेदारों को केवल पेनाल्टी में ही नहीं बल्कि मूल कर में भी राहत मिलेगी।

प्रदेश में लगभग 8.50 लाख वाहन मालिकों पर कुल 1853 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें 1073 करोड़ रुपये मूल कर और 780 करोड़ रुपये पेनाल्टी शामिल है।

नई योजना के अंतर्गत:

  • पेनाल्टी पूरी तरह माफ की जा सकती है।
  • मूल कर में लगभग 35 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
  • वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
  • सरकार के राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी।

18 शहरों में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के 18 शहरों में GCC मॉडल पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है।

बड़े शहरों में वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

जेलों और कारागार व्यवस्था में सुधार

कैबिनेट ने कारागार विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

  • पांच जिलों में नई जेलों का निर्माण होगा।
  • जेल में बंदियों की मृत्यु होने पर मुआवजा नीति लागू की जाएगी।
  • कारागार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मानवीय बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

मोहनलालगंज में बनेगा नया रजिस्ट्री कार्यालय

लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में रजिस्ट्री कार्यालय के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी प्रदान की गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को भूमि एवं संपत्ति पंजीकरण संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

विकास और प्रशासनिक सुधार पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार कृषि, न्यायिक व्यवस्था, परिवहन, राजस्व वसूली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मक्का MSP और OTS योजना जैसे निर्णय सीधे तौर पर किसानों और आम जनता को राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

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