“लखनऊ में सीएम Yogi Adityanath के नेतृत्व में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। करीब 15 हजार महिलाओं ने भाग लिया, महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ बताकर अभियान शुरू।“
हाइलाइट्स:
- लखनऊ से ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ की शुरुआत
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया नेतृत्व
- करीब 15 हजार महिलाओं की भागीदारी
- महिला आरक्षण को जनआंदोलन बनाने की तैयारी
- प्रदेशभर में अभियान विस्तार की योजना
लखनऊ। लखनऊ में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंगलवार को ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक निकली करीब दो किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में लगभग 15 हजार महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी पैदल यात्रा में शामिल हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे को ‘आधी आबादी का अधिकार’ बताते हुए इसे व्यापक जनसमर्थन दिलाने की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार और संगठन ने इस अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने की योजना बनाई है। इसके तहत ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़कर इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है।
पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया, वे महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को रैलियों, जनसभाओं और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से जनता के बीच ले जाया जाएगा।

रैली के दौरान सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह प्याऊ, चिकित्सा सहायता और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए महिला सम्मान और अधिकारों के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी महिला आरक्षण के समर्थन में अपने विचार रखे और विपक्ष की नीतियों की आलोचना की।
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लखनऊ से स्टेट हेड संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट







