सपा कार्यालय में गूंजा ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’, बुद्ध पूर्णिमा पर जुटे सैकड़ों भिक्षु

लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बुद्ध पूर्णिमा कार्यक्रम आयोजित हुआ। अखिलेश यादव की मौजूदगी में बौद्ध भिक्षुओं ने वंदना की। कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों, महिलाओं और आरक्षण पर भी चर्चा हुई।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु शामिल हुए और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

इस अवसर पर बौद्ध वंदना, उपदेश और शांति, समानता तथा करुणा का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में समर्थकों और आम लोगों की मौजूदगी से कार्यालय परिसर में धार्मिक और सामाजिक एकता का माहौल दिखाई दिया।

अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं

अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चुनौतियों का है और समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।

उन्होंने लुंबिनी, सारनाथ और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों के विकास के संकल्प को भी दोहराया।

बौद्ध भिक्षुओं ने पढ़े उपदेश

कार्यक्रम में मौजूद भिक्षुओं ने भगवान बुद्ध के संदेशों का पाठ किया और समाज में भाईचारे, सहिष्णुता तथा न्यायपूर्ण व्यवस्था पर जोर दिया। मंच से सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के अधिकारों पर भी विचार रखे गए।

मुलायम सिंह के कार्यों का उल्लेख

एक वक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए काम किया। साथ ही ओबीसी समुदाय को संसद में आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।

RSS पर टिप्पणी से चर्चा

कार्यक्रम के दौरान कुछ वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी टिप्पणी की। मंच से कहा गया कि RSS कभी महिलाओं के पक्ष में नहीं रही। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सामाजिक संदेश के साथ राजनीतिक संकेत

बुद्ध पूर्णिमा के धार्मिक आयोजन के साथ-साथ कार्यक्रम में सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी देखने को मिला। माना जा रहा है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए समाजवादी पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है।

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