“सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद 16 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम समेत प्रमुख शहरों में सोने-चांदी का ताजा भाव।“
नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक तेजी दिखाने के बाद मंगलवार को घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरों के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते निवेशकों का रुझान जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिससे सोने और चांदी की मांग में अस्थायी नरमी आई है।
वायदा बाजार में कैसी रही चाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में करीब 1,457 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव लगभग 2,50,001 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं अगस्त 2026 डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में भी हल्की गिरावट देखने को मिली और यह लगभग 1,52,842 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव
देशभर में खुदरा बाजार में भी कीमतों में नरमी देखने को मिली। हालांकि स्थानीय करों, परिवहन लागत और मेकिंग चार्ज के कारण विभिन्न शहरों में कीमतों में अंतर बना हुआ है।
24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)
- तिरुवनंतपुरम – ₹1,53,280
- चेन्नई – ₹1,53,260
- हैदराबाद – ₹1,52,980
- बेंगलुरु – ₹1,52,850
- मुंबई – ₹1,52,750
- कोलकाता – ₹1,52,610
- दिल्ली – ₹1,52,470
22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)
- तिरुवनंतपुरम – ₹1,40,507
- चेन्नई – ₹1,40,488
- दिल्ली – ₹1,39,764
चांदी का ताजा भाव
देशभर में चांदी का खुदरा भाव लगभग ₹2,50,260 प्रति किलोग्राम पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि स्थानीय बाजारों में इसमें मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की नजर किन कारकों पर?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल आई गिरावट अल्पकालिक हो सकती है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता के नतीजे, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
यदि वैश्विक तनाव दोबारा बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग फिर से बढ़ सकती है। वहीं शांति और आर्थिक स्थिरता की स्थिति में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
क्या अभी खरीदारी का सही समय है?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति, व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्य और विशेषज्ञ सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
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