सिद्धार्थनगर में रील के चक्कर में पानी की टंकी पर फंसे बच्चे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा, 16 घंटे तक 60 फीट ऊंचाई पर फंसे रहे दो बच्चे, एयरफोर्स ने बचाई जान

सिद्धार्थनगर में रील बनाने के लिए 26 साल पुरानी पानी की टंकी पर चढ़े 5 बच्चे हादसे का शिकार हो गए। एक की मौत हुई, दो घायल हुए और दो बच्चों को हेलीकॉप्टर से बचाया गया।

सिद्धार्थनगर। सोशल मीडिया पर रील बनाने की बढ़ती सनक ने उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा करा दिया। यहां 26 साल से बंद पड़ी जर्जर पानी की टंकी पर रील बनाने के लिए पांच बच्चे चढ़ गए। करीब 60 फीट ऊंची टंकी से उतरते समय सीढ़ी अचानक टूट गई, जिससे तीन बच्चे नीचे गिर गए। हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दो बच्चे ऊपर ही फंस गए, जिन्हें बाद में हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया।

रील बनाने पहुंचे थे बच्चे

घटना शनिवार को शहर की कांशीराम आवास कॉलोनी स्थित पुरानी पानी की टंकी पर हुई। बताया गया कि पांचों बच्चे रोमांच और रील बनाने के उद्देश्य से बंद पड़ी टंकी पर चढ़ गए थे। ऊपर वीडियो बनाने के बाद जब वे नीचे उतरने लगे, तभी जर्जर लोहे की सीढ़ी टूट गई और हादसा हो गया।

तीन बच्चे गिरे, एक की मौके पर मौत

सीढ़ी टूटते ही तीन बच्चे सीधे नीचे जा गिरे। इनमें एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

दो बच्चे रॉड पकड़कर लटके, फिर ऊपर चढ़े

हादसे के दौरान दो बच्चे किसी तरह लोहे की रॉड पकड़कर लटक गए। जान बचाने के लिए दोनों दोबारा ऊपर चढ़ गए, लेकिन नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा। इससे दोनों बच्चे करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहे।

दलदल के कारण नहीं पहुंच सकी क्रेन

प्रशासन ने पहले हाइड्रोलिक क्रेन बुलाकर रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन पानी की टंकी के आसपास दलदल और कीचड़ होने से क्रेन वहां तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद प्रशासन ने करीब 120 मीटर अस्थायी रास्ता बनवाना शुरू कराया, लेकिन देर रात बारिश शुरू होने से काम बाधित हो गया।

सेना से मांगी मदद, सुबह पहुंचा हेलीकॉप्टर

स्थिति गंभीर होती देख प्रशासन ने सेना और वायुसेना से मदद मांगी। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे एयरफोर्स का एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बच्चों के सुरक्षित बचने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

26 साल से बंद थी पानी की टंकी

स्थानीय लोगों के अनुसार यह पानी की टंकी करीब 26 साल से बंद पड़ी थी और काफी जर्जर हालत में थी। हैरानी की बात यह है कि खतरनाक स्थिति के बावजूद वहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं लगाया गया था।

मृतक और घायलों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाला बच्चा मोहाना थाना क्षेत्र के जुगलीपुर गांव का निवासी बताया गया है। घायल बच्चों में गोलू शास्त्री नगर क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि सनी मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के उरवलिया गांव का निवासी है, जो अपनी बहन के घर कांशीराम आवास कॉलोनी आया था। रेस्क्यू किए गए बच्चों में कल्लू उर्फ साहबान और पवन शामिल हैं।

रील के जुनून पर बड़ा सवाल

इस हादसे ने सोशल मीडिया पर रील बनाने की खतरनाक होड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन भी अब ऐसे परित्यक्त और खतरनाक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है।

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