“ईरान की संसद में डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वालों को ₹500 करोड़ से ज्यादा इनाम देने वाला बिल लाने की तैयारी चल रही है। US-Iran तनाव, संभावित हमले और मिडिल ईस्ट संकट पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।“
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। इसी बीच ईरान की संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की हत्या करने वालों को ₹500 करोड़ से अधिक का इनाम देने वाला बिल लाने की तैयारी की खबर सामने आई है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग “इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई” नाम से प्रस्ताव तैयार कर रही है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने संकेत दिए हैं कि यह बिल जल्द संसद में पेश किया जा सकता है।
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने कहा कि संसद जल्द ऐसे प्रस्ताव पर वोटिंग कर सकती है, जिसके तहत ट्रम्प और नेतन्याहू को “जहन्नुम पहुंचाने” वालों को भारी इनाम दिया जाएगा। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद देश के भीतर आक्रोश बढ़ा है।

ट्रम्प ने फिलहाल टाला ईरान पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर मंगलवार को प्रस्तावित बड़ा सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया गया है। ट्रम्प के मुताबिक कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ समय मांगा था।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका अभी कूटनीतिक विकल्पों को मौका देगा। हालांकि उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा संकट
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से अधिक नाविक मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में सैन्य संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि दुनिया भर के बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है।
ईरान का दावा- बातचीत करेंगे, झुकेंगे नहीं
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यूरेनियम संवर्धन ईरान का अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि उसके परमाणु ठिकानों पर हमलों के बावजूद पश्चिमी देशों ने खुलकर विरोध नहीं किया।
क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अमेरिका और इजराइल की संभावित सैन्य कार्रवाई, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे और ड्रोन हमलों की आशंका के कारण खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़े तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
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