“G7 Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांस में मुलाकात संभव है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी को सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है। जानिए भारत-अमेरिका संबंध, AI, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर क्या हो सकती है चर्चा।“
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बार फिर मुलाकात की संभावना तेज हो गई है। जून में फ्रांस में आयोजित होने जा रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के आमने-सामने आने के संकेत मिल रहे हैं। इस संभावित बैठक को वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फ्रांस में होगा हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन
फ्रांस इस वर्ष G7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रेंच आल्प्स के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित होगा। फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इसी वर्ष भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के भी इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। ऐसे में दोनों नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिक गई हैं।
फरवरी 2025 में हुई थी पिछली मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और डोनल्ड ट्रंप की आखिरी मुलाकात 13 फरवरी 2025 को व्हाइट हाउस में हुई थी। उस बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
अब G7 समिट में संभावित मुलाकात को उसी कूटनीतिक संवाद की अगली कड़ी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत और अमेरिका दोनों अपने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं।
AI, व्यापार और सुरक्षा पर रहेगा फोकस
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने वाले हैं। माना जा रहा है कि G7 मंच पर विश्व अर्थव्यवस्था, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन की बढ़ती सक्रियता और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषय भी प्रमुख एजेंडा में शामिल रहेंगे।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि इस सम्मेलन के दौरान किसी बड़े औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना कम है, लेकिन कई अहम रणनीतिक चर्चाएं हो सकती हैं।
मार्च में ही तय हो गई थी मोदी की भागीदारी
भारत स्थित फ्रांसीसी दूतावास ने मार्च 2026 में ही प्रधानमंत्री मोदी की G7 समिट में भागीदारी की पुष्टि कर दी थी। फरवरी 2026 में भारत दौरे पर आए राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उन्हें इस सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
भारत भले ही G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक मामलों में बढ़ती भूमिका के कारण लगातार इस मंच पर विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल होता रहा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोदी और ट्रंप की मुलाकात होती है तो इसका असर वैश्विक राजनीति के साथ-साथ भारत-अमेरिका व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर भी दिखाई दे सकता है। रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, AI टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच नई पहल देखने को मिल सकती है।
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