संतकबीर नगर में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया, 72 में से 32 पेट्रोल पंप हुए ड्राई

72 में से 32 पेट्रोल पंप सूखे, लंबी कतारों से जनजीवन प्रभावित, किसानों-व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें

Sant Kabir Nagar Petrol Diesel Crisis 2026 में जिले के 72 में से 32 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो गए हैं। मेंहदावल और धर्मसिंहवा समेत कई इलाकों में लंबी कतारें लगी हैं। किसानों, व्यापारियों, स्कूल वाहनों और विकास कार्यों पर ईंधन संकट का असर पड़ा है।

संतकबीर नगर। जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जिले के 72 पेट्रोल पंपों में से 32 पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि बाकी पंपों पर भी अनियमित आपूर्ति के कारण कभी सुबह तो कभी शाम में तेल खत्म होने की सूचना लगाई जा रही है। ईंधन संकट के चलते आम लोगों, किसानों, व्यापारियों और वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

तेल मिलने की खबर पर उमड़ रही भीड़

जिले में जहां कहीं भी पेट्रोल या डीजल उपलब्ध होने की सूचना मिल रही है, वहां दोपहिया, चारपहिया और ट्रैक्टर वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। कई लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि तीन दिन पहले मेंहदावल क्षेत्र के दो पेट्रोल पंपों पर तेल वितरण के दौरान मारपीट तक की नौबत आ गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण कई स्थानों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होने लगी है।

वाहन चालकों के साथ पंप संचालक भी परेशान

वाहन चालकों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने-जाने और जरूरी सेवाओं में बड़ी दिक्कतें पैदा हो जाएंगी। दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं मिलने के कारण पंप लगातार ड्राई हो रहे हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार ने हालांकि कितने पेट्रोल पंप ड्राई हैं, इस पर स्पष्ट जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है और लोगों से जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदने की अपील की गई है।

मेंहदावल क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर

नगर पंचायत मेंहदावल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में संकट सबसे ज्यादा गहराया हुआ है। बौरव्यास स्थित पेट्रोल पंप पर मंगलवार को तेल पहुंचने की सूचना मिलते ही बाइक, कार और ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लग गई।

सुबह से ही लोग तेल लेने के लिए कतार में खड़े दिखाई दिए। पंप संचालकों के लिए भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी तेल नहीं मिल सका। वहीं धर्मसिंहवा क्षेत्र के महादेवा नानकार पेट्रोल पंप पर भी पूरे दिन भारी भीड़ बनी रही।

किसानों और व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर

ईंधन संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों और व्यापारियों पर दिखाई दे रहा है। डीजल न मिलने से खेतों में चलने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट बंद पड़े हैं। दूसरी ओर व्यापारी माल ढुलाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित होने लगा है।

स्कूल वाहनों और एंबुलेंस सेवाओं के लिए भी ईंधन जुटाना चुनौती बन गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए कई किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ रहा है।

विकास कार्यों की रफ्तार भी थमी

पेट्रोल-डीजल संकट का असर सरकारी और निजी विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क निर्माण, मिट्टी भराई और मशीनों से जुड़े अन्य निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मशीनों के संचालन में दिक्कत आने से कई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

प्रशासन बोला- मांग अधिक होने से बनी स्थिति

मेंहदावल एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि जिले में नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की सप्लाई आ रही है, लेकिन मांग अधिक होने के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हो रही है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है और जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

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