“UP Wheat Procurement Relaxation 2026: उत्तर प्रदेश में मौसम से प्रभावित गेहूं खरीद के लिए भारत सरकार ने नियमों में ढील दी है। अब फीकी चमक में 70% और सिकुड़न में 20% तक छूट मिलेगी, जिससे लाखों किसानों को राहत मिलेगी।“
गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। असमय बारिश और मौसम की मार से प्रभावित गेहूं की खरीद को लेकर भारत सरकार ने नियमों में महत्वपूर्ण ढील दी है। अब गेहूं की फीकी चमक और सिकुड़न किसानों के लिए सरकारी खरीद में बाधा नहीं बनेगी। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद मानकों में विशेष छूट देते हुए फीकी चमक में 70 प्रतिशत और सिकुड़न में 20 प्रतिशत तक राहत देने का निर्णय लिया है।
यह फैसला रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए लागू किया गया है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल मौसम की वजह से प्रभावित हुई है। पहले सिकुड़े और टूटे दानों के लिए अधिकतम छह प्रतिशत तक की अनुमति थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर यह निर्णय लिया है। विभाग ने माना कि राज्य के कई जिलों में असमय वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को खरीद केंद्रों पर कठिनाई का सामना करना पड़ सकता था।
सरकार के इस फैसले के तहत अब मौसम प्रभावित गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा। इससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचने की स्थिति से राहत मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, गुणवत्ता में छूट वाले गेहूं को अलग से संग्रहित किया जाएगा और उसका उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर किया जाएगा। राज्य सरकार को इस गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखने और भंडारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इससे भंडारण में गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा कम होगा।
प्रदेश के कई जिलों में इस वर्ष बारिश और मौसम परिवर्तन के कारण गेहूं की चमक फीकी पड़ गई और दानों में सिकुड़न देखी गई। ऐसे में किसानों को आशंका थी कि उनकी उपज खरीद केंद्रों पर अस्वीकार हो सकती है। नई छूट के बाद यह चिंता काफी हद तक दूर हो गई है।
इस निर्णय का लाभ विशेष रूप से उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां फसल पर मौसम का ज्यादा असर पड़ा है। इनमें गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, अयोध्या और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिले शामिल हैं।
कृषि विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों को विभिन्न मंडलों में निगरानी और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी किसानों को खरीद केंद्रों पर जागरूक करने और प्रक्रिया को सरल बनाने में जुटे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम किसानों की आय सुरक्षा और सरकारी खरीद प्रणाली में विश्वास बनाए रखने की दिशा में अहम माना जाएगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में स्थिरता भी आएगी।
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