“सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की ट्रांजिट बेल बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा।“
नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत (ट्रांजिट बेल) की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है और उन्हें अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला
पवन खेड़ा पर हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर असम में मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से ट्रांजिट बेल की अवधि बढ़ाने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि खेड़ा को संबंधित अदालत में जाकर अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए।
साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गुवाहाटी हाई कोर्ट इस मामले में स्वतंत्र रूप से फैसला करेगा और सुप्रीम कोर्ट की किसी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगा।
कोर्ट में भावुक दलील
खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से राहत की गुहार लगाते हुए कहा, “क्या मैं कोई आतंकवादी हूं कि मुझे कुछ दिनों की राहत भी न मिले?”
उन्होंने दलील दी कि शुक्रवार होने के कारण तत्काल निचली अदालत में जाना संभव नहीं है।
फर्जी दस्तावेज पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि पहले राहत पाने के लिए जमा किए गए दस्तावेजों में त्रुटि या कथित फर्जी आधार का इस्तेमाल हुआ था। इस पर सिंघवी ने कहा कि यह जल्दबाजी में हुई तकनीकी गलती थी, जिसे बाद में स्पष्ट कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम की अदालत का रुख करना होगा। यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी लड़ाई, दोनों ही मोर्चों पर आगे बढ़ता नजर आ रहा है।
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