राजस्थान से बंगाल-बिहार तक ट्रेन आगकांड, रेलवे जांच में चौंकाने वाले खुलासे

राजस्थान, बिहार और बंगाल की घटनाओं पर रेलवे का बड़ा दावा, कई मामलों में मिले संदिग्ध सबूत

Indian Railways ने राजस्थान, बिहार और बंगाल में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ होने का दावा किया है। जांच में पेट्रोल भीगा कपड़ा और संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

नई दिल्ली। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब Indian Railways ने इन घटनाओं को लेकर बड़ा दावा किया है। रेलवे के अनुसार, कई मामलों में आगजनी के पीछे असामाजिक तत्वों की भूमिका सामने आई है।

राजस्थान, बिहार और पश्चिम बंगाल में हुई घटनाओं की जांच में रेलवे को कई संदिग्ध तथ्य मिले हैं, जिनसे जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई जा रही है।

अमरपुरा से हावड़ा तक संदिग्ध गतिविधियों के संकेत

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान के अमरपुरा में ट्रेन के बिस्तर सामग्री यानी चादरों में आग लगाने की कोशिश की गई थी। वहीं पश्चिम बंगाल के Howrah में एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया।

इसी तरह राजस्थान के कोटा में Rajdhani Express के बाथरूम से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। बिहार के Sasaram में एक खाली कोच के भीतर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जलती हुई वस्तु फेंके जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

रेलवे ने यात्रियों से की सतर्क रहने की अपील

इन घटनाओं के बाद Indian Railways ने यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। रेलवे ने कहा है कि यदि किसी भी यात्री को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

सासाराम-पटना पैसेंजर में भी लगी थी आग

बिहार में आग लगने की एक घटना सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में भी हुई थी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया था, लेकिन रेलवे अब अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है।

राजधानी एक्सप्रेस हादसे के बाद बढ़ी चिंता

रेलवे का यह बयान मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही Rajdhani Express के एसी कोच में लगी भीषण आग की घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

यह आग सुबह करीब 5:15 बजे B-1 कोच में लगी थी, जिसमें 68 यात्री सवार थे। घटना विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशनों के बीच हुई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।

घटना के बाद कोच को ट्रेन से अलग किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कोच से काले धुएं के घने गुबार उठते दिखाई दिए। आग रेलवे ट्रैक के पास लगे पेड़ों तक भी फैल गई थी।

18 ट्रेनों का संचालन प्रभावित

इस आगजनी की घटना के कारण रेलवे यातायात भी प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जबकि कम से कम 18 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। कोचों की जांच, निगरानी और संवेदनशील रूटों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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