आगरा में बेटे-बहू पर घर हड़पने का आरोप, बुजुर्ग दंपती ने सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार

चार साल से किराये के मकान में रहने को मजबूर दंपती का आरोप- बहू के नाम खरीदी संपत्ति पर कब्जा कर घर से निकाला, 51 शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत

आगरा में सेवानिवृत्त कर्मचारी रामविलास कटारा और उनकी पत्नी ने बड़े बेटे व बहू पर करोड़ों की संपत्ति हड़पकर घर से निकालने का आरोप लगाया है। बुजुर्ग दंपती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय और कार्रवाई की मांग की है।

आगरा। आगरा में एक बुजुर्ग दंपती ने अपने ही बेटे और बहू पर मकान हड़पकर घर से बेदखल करने का आरोप लगाया है। न्याय की आस में वर्षों तक प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद अब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग दंपती ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया घर उनसे छीन लिया गया और उन्हें किराये के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बुजुर्ग दंपती से मुलाकात कर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त कर्मचारी ने सुनाई आपबीती

मूल रूप से आगरा के चमरौली गांव निवासी रामविलास कटारा वर्ष 2013 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से लिपिक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वह अपनी पत्नी ऊषा कटारा और छोटे बेटे प्रदीप कटारा के साथ राजपुर स्थित बैंक कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे हैं।

रामविलास का कहना है कि उन्होंने अपने दोनों बेटों और बेटियों का विवाह धूमधाम से किया। वर्ष 2018 में पत्नी ऊषा कटारा पैरालिसिस से पीड़ित हो गईं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मेहनत जारी रखी।

गांव का मकान बेचकर खरीदा था नया प्लॉट

बुजुर्ग दंपती के अनुसार परिवार में बढ़ते विवादों को देखते हुए उन्होंने गांव का मकान बेच दिया। इसके बाद वर्ष 2020 में आगरा के ककुआ क्षेत्र स्थित क्रिस्टल सिटी में 156 वर्ग गज का प्लॉट करीब 15 लाख रुपये में खरीदा।

रामविलास का दावा है कि यह प्लॉट बड़ी बहू कल्पना के नाम कराया गया था। उनका कहना है कि स्टांप शुल्क में छूट और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण ऐसा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लॉट खरीदने से लेकर मकान निर्माण तक का पूरा खर्च उन्होंने स्वयं उठाया और लगभग 60 लाख रुपये खर्च कर दो मंजिला मकान तैयार कराया।

बेटे-बहू पर घर से निकालने का आरोप

रामविलास कटारा का आरोप है कि जनवरी 2022 में बड़े बेटे और बहू ने उन्हें, उनकी पत्नी और छोटे बेटे को मकान से बाहर निकाल दिया। इसके बाद से परिवार किराये के मकान में रह रहा है।

उन्होंने दावा किया कि उनके कमरों के ताले तोड़े गए, घरेलू सामान बेचा गया और यहां तक कि उनकी पेंशन पर भी कब्जा करने का प्रयास किया गया। बुजुर्ग दंपती का कहना है कि उन्होंने न्याय पाने के लिए कई सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

51 शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान

रामविलास का कहना है कि वर्ष 2021 से अब तक वह शासन, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को 51 से अधिक प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कई जांच रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया कि मकान के निर्माण के लिए धनराशि उन्होंने ही उपलब्ध कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संपत्ति पर अधिकार नहीं मिल पाया।

उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण उन्हें सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। हाल के दिनों में उनके कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें उन्होंने अपनी पीड़ा और न्याय की मांग को सार्वजनिक किया है।

बहू ने संपत्ति पर जताया अपना अधिकार

दूसरी ओर बड़ी बहू कल्पना ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मकान उनके नाम पर है और यह उनकी संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्य संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए दबाव बना रहे हैं।

कल्पना का कहना है कि मकान से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके ससुर मुकदमे वापस ले लें तो वह सास-ससुर को जीवनभर अपने साथ रखने के लिए तैयार हैं और इसके लिए लिखित आश्वासन भी दे सकती हैं।

वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस

सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में आने के बाद मलपुरा थाना पुलिस बुजुर्ग दंपती के घर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

मलपुरा थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार वशिष्ठ ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार और संपत्ति विवाद बना चर्चा का विषय

बुजुर्ग दंपती की भावुक अपील और संपत्ति विवाद का यह मामला अब सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और पारिवारिक संपत्ति विवादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न्यायालय का अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण होगा।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button