यूपी की कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, अजय राय ने अमित शाह को लिखा पत्र; महिला सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता

हत्या, बलात्कार, संगठित अपराध और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल; केंद्र से उच्चस्तरीय हस्तक्षेप और जवाबदेही तय करने की मांग

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने हत्या, दुष्कर्म, संगठित अपराध और पुलिस जवाबदेही के मुद्दों पर उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदेश में बढ़ते अपराध, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है।

अजय राय ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार लगातार अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश और बेहतर कानून-व्यवस्था के दावे करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने हत्या, बलात्कार, संगठित अपराध, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी और पुलिस उत्पीड़न जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है।

एनकाउंटर नीति पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार पुलिस मुठभेड़ों को कानून-व्यवस्था की सफलता के रूप में प्रस्तुत करती है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों में 23 अपराधियों के पुलिस मुठभेड़ों में मारे जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई है।

अजय राय ने यह भी कहा कि मई 2026 में मात्र दो दिनों के भीतर 35 पुलिस मुठभेड़ों की सूचनाएं सामने आईं। उनके अनुसार, यह स्थिति केवल अपराध नियंत्रण का विषय नहीं है बल्कि पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करती है।

कई जिलों की घटनाओं का किया जिक्र

पत्र में कांग्रेस नेता ने गाजियाबाद, लखनऊ, फिरोजाबाद, बहराइच, हमीरपुर, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, हापुड़ और फतेहपुर सहित कई जिलों में हुई घटनाओं का उल्लेख किया है।

उन्होंने कहा कि इन मामलों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शासन की प्राथमिकताओं को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।

महिला सुरक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

अजय राय ने अपने पत्र में महिला सुरक्षा की स्थिति को विशेष रूप से चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म, महोबा में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही युवती के कथित अपहरण और यौन शोषण, तथा वाराणसी और चंदौली में नाबालिग बालिकाओं की कथित खरीद-फरोख्त जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए चिंता जताई।

केंद्र से मांगा हस्तक्षेप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने गृह मंत्री से आग्रह किया है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए और अपराध नियंत्रण के लिए जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून के शासन को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार

अजय राय के इस पत्र के बाद प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगा रही है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष लगातार कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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