जम्मू-कश्मीर: LoC पर माइन ब्लास्ट, सेना के JCO समेत 3 जवान घायल

राजौरी के नौशेरा सेक्टर में पेट्रोलिंग के दौरान हादसा, घायलों को उधमपुर कमांड अस्पताल भेजा गया

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में LoC पर पेट्रोलिंग के दौरान माइन ब्लास्ट में JCO समेत 4 जवान घायल हो गए। घायलों को उधमपुर कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऑपरेशन शेरूवाली के बीच सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

राजौरी/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट एक दर्दनाक हादसे में सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत चार जवान घायल हो गए। यह घटना नौशेरा सेक्टर के अग्रिम कलाल क्षेत्र में उस समय हुई जब सेना की टुकड़ी नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान अचानक एक माइन विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर चारों सैनिक घायल हो गए।

पुलिस और सैन्य सूत्रों के अनुसार घटना 16 जून की सुबह करीब 11 बजे की है। 4 कुमाऊं रेजिमेंट के जवान एलओसी के अग्रिम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक माइन पर पैर पड़ने या अन्य तकनीकी कारणों से विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में तैनात जवान भी सतर्क हो गए और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

घायलों को एयरलिफ्ट कर भेजा गया कमांड अस्पताल

विस्फोट में घायल हुए सभी जवानों को तत्काल घटनास्थल से सुरक्षित निकाला गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

एलओसी का संवेदनशील क्षेत्र है कलाल सेक्टर

अधिकारियों ने बताया कि नौशेरा का कलाल सेक्टर नियंत्रण रेखा पर अत्यंत संवेदनशील इलाकों में शामिल है। इस क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिशों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए सेना नियमित रूप से गश्त करती है। सीमावर्ती इलाकों में पहले से बिछाई गई माइनों के कारण जवानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। फिलहाल सेना और सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के सटीक कारणों की जांच कर रही हैं।

डोरीमल जंगलों में जारी है ‘ऑपरेशन शेरूवाली’

इस बीच राजौरी जिले के गंभीर मुगलान क्षेत्र के डोरीमल जंगलों में आतंकवादियों की तलाश में चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ लगातार जारी है। सुरक्षा बलों ने घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों वाले इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, जहां खड़ी ढलानें, चट्टानी पहाड़ियां और घने जंगल अभियान को कठिन बना रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन, निगरानी उपकरणों और विशेष खोजी दलों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। आतंकियों के संभावित ठिकानों को घेरने और उनकी आवाजाही पर रोक लगाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

हाल के दिनों में अभियान के दौरान हो चुके हैं हादसे

गौरतलब है कि 7 जून को भी इसी अभियान के दौरान एक जवान की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार आतंकवाद विरोधी अभियान में शामिल एक सैनिक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरी चट्टानी ढलान में गिर गया। गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

वहीं 28 मई को डोरीमल जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों और संदिग्ध आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी भी हुई थी। तब से सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। सेना का कहना है कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान पूरी सतर्कता और रणनीति के साथ जारी रहेगा तथा सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

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