“वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इंडियन कम्युनिटी सेंटर में उत्तर प्रदेश अवध मंच द्वारा आयोजित ‘आरोहण 2026’ महोत्सव में बारहमासा ऋतु गीतों, लोकनृत्यों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया गया“
पर्थ (वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया)। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ऋतु आधारित लोकजीवन का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश अवध मंच (UPAM) द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक महोत्सव ‘आरोहण 2026’ का सफल आयोजन विलेटन स्थित इंडियन कम्युनिटी सेंटर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने भारत की विविध लोक परंपराओं और बारहमासा संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर प्रवासी भारतीयों के दिलों में अपनी मिट्टी की यादें ताजा कर दीं।

शाम 5:30 बजे शुरू हुए इस तीन घंटे लंबे सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण, Acknowledgement to Country और कुशलेंद्र के प्रभावी मंच संचालन के साथ हुआ। इसके बाद अवध मंच के परिचय वीडियो और बारहमासा की सांस्कृतिक अवधारणा पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय लोकजीवन की यात्रा पर ले गया।
चैत्र से फाल्गुन तक मंच पर उतरीं भारत की बारह ऋतुएँ
महोत्सव का मुख्य आकर्षण चैत्र से लेकर फाल्गुन तक भारतीय पंचांग के बारह महीनों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं का मंचीय प्रदर्शन रहा। कार्यक्रम में डॉ. मालविका मिश्रा और गरिमा पटेल ने सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए पूरे कथानक को प्रभावशाली ढंग से जोड़े रखा।
नाटक में आशीष मलिक, ऋचा विनोद, आंचल शुक्ला, सव्या शुक्ला, अन्विता श्रीवास्तव और धनंजय शुक्ला ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

लोकगीतों और लोकनृत्यों ने बांधा समां
चैत्र माह में झंकार ग्रुप ने ‘नवदुर्गा नृत्य’ प्रस्तुत किया, जबकि वैशाख माह में UPAM मंडली ने लोकगीत ‘लट सुलझाइयो’ की मधुर प्रस्तुति दी। ज्येष्ठ माह में नेपाली समूह के नृत्य ने सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण पेश किया।
आषाढ़ माह में बिरहा गायन और सावन खंड में ‘बरसन लागी बदरिया’ पर आधारित सामूहिक नृत्य ने पूरे सभागार को कजरी और मल्हार के सुरों से सराबोर कर दिया।
गणमान्य अतिथियों ने की सराहना
कार्यक्रम के औपचारिक सत्र में UPAM के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर काउंसलर नरेश कुमार, ऑर्गनाइजेशन ऑफ मल्टीकल्चरल इंटरेस्ट के निदेशक सैयद पादशाह तथा इंडियन सोसाइटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (ISWA) की अध्यक्ष डॉ. दिव्या शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए UPAM के प्रयासों की सराहना की।
सूफी संगीत और होली नृत्य ने जीता दिल
भाद्रपद माह में जन्माष्टमी नृत्य और बॉलीवुड एवं शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों के बाद प्रसिद्ध गायक राहत रिज़वी द्वारा प्रस्तुत सूफी लोकगीत ‘मस्त कलंदर’ ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
मकर संक्रांति, गणतंत्र दिवस और महाशिवरात्रि पर आधारित विशेष प्रस्तुतियों के बाद महोत्सव का समापन UPAM डांस ग्रुप के ऊर्जावान होली नृत्य के साथ हुआ, जिसने पूरे सभागार को फागुनी रंगों से भर दिया।

प्रवासी भारतीयों के दिलों में संस्कृति का गर्व
कार्यक्रम के अंतिम चरण में संस्था के सचिव धनंजय शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कलाकारों, स्वयंसेवकों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। ‘आरोहण 2026’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रवासी भारतीयों के लिए अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का एक भावनात्मक अवसर साबित हुआ।
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