“UP Politics: राहुल गांधी और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर समेत कई जगहों पर नारेबाजी और धरना हुआ।“
लखनऊ। NEET विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में यूपी के कई जिलों में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला और धरना दिया।
लखीमपुर खीरी में सपा कार्यकर्ताओं का मार्च
लखीमपुर खीरी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोहिया भवन से सदर कोतवाली तक पैदल मार्च निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने कोतवाली का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता कोतवाली तक पहुंच गए।
इसके बाद पुलिस ने चार महिला कार्यकर्ताओं समेत 50 से अधिक सपाइयों को हिरासत में लिया। हालांकि करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
कानपुर में पुलिस से हुई नोकझोंक
कानपुर में भी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की शुरुआत नवीन मार्केट स्थित मेट्रो स्टेशन से हुई, जहां सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए और अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई जगह तीखी नोकझोंक हुई। कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हसन रूमी भी समर्थकों के साथ बाकरगंज चौराहे पर धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
मुजफ्फरनगर में सपा-कांग्रेस का संयुक्त प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर में मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया।
महावीर चौक पर कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा नेता राकेश शर्मा और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने किया। कांग्रेस नेता सलमान शाहिद समेत दोनों दलों के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
BHU में छात्रों का प्रदर्शन जारी
वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। मंगलवार को दूसरे दिन बड़ी संख्या में छात्र विश्वनाथ मंदिर परिसर के पास पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग उठाई। छात्रों का आरोप था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ पुलिस ने कार्रवाई की।
बरेली में युवक ने तख्ती लेकर जताया विरोध
बरेली में कलेक्ट्रेट गेट पर एक युवक हाथ में तख्ती लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंचा। तख्ती पर “धर्मेंद्र इस्तीफा दो” और “जय हिंद, जय भारत” लिखा था।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
राहुल गांधी ने पीएम आवास की ओर किया था मार्च
दरअसल, NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया था।
विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।
इसके बाद उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस नेताओं ने इसे मुद्दा बनाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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