“NHM घोटाले के आरोपित पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय श्रीवास्तव के ठिकानों पर विजिलेंस ने छापेमारी की। जांच में 28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और कई जमीनों व निवेश से जुड़े दस्तावेज सामने आए।“
लखनऊ। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) घोटाले से जुड़े पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के भाई और स्वास्थ्य विभाग में लिपिक रहे अजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस टीम ने मंगलवार को गोंडा और लखनऊ स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान सामने आई चल-अचल संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर अजय श्रीवास्तव की कुल संपत्ति 28 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
विजिलेंस के अनुसार, यह संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 763.65 प्रतिशत अधिक है। छापेमारी के दौरान गोंडा स्थित मकान में कोई मौजूद नहीं मिला, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया। वहीं अन्य संपत्तियों को किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत के साथ संबंधित लोगों की सुपुर्दगी में दिया गया है।
तीन ठिकानों पर एक साथ चला सर्च अभियान
अजय श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा पहले से सतर्कता अधिष्ठान में दर्ज था। खुली जांच में उनकी आय और संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर सामने आने के बाद सर्च अभियान की कार्रवाई की गई।
महानिरीक्षक सतर्कता अधिष्ठान मंजिल सैनी की निगरानी में अयोध्या यूनिट की टीमों ने गोंडा के जानकीनगर स्थित आवास, लखनऊ के गनेशपुर-रहमानपुर स्थित मिलेनिया रिजेंसी होटल और इंदिरानगर के पटेलनगर सेक्टर-8 स्थित मकान पर तलाशी ली।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अजय श्रीवास्तव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज चल-अचल संपत्तियों और विभिन्न निवेशों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए।
गोंडा, लखनऊ समेत कई जिलों में जमीन का पता चला
तलाशी के दौरान जांच टीम को गोंडा में करीब 0.692 हेक्टेयर भूमि मिली। इसके अलावा लखनऊ के गनेशपुर-रहमानपुर में कई भूखंड और इंदिरानगर के इस्माइलगंज वार्ड में भूमि होने की जानकारी सामने आई।
जांच का दायरा लखनऊ और गोंडा तक ही सीमित नहीं रहा। बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में भी कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। विजिलेंस ने इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब तीन करोड़ रुपये बताया है।
छह मंजिला होटल में करोड़ों के खर्च के साक्ष्य
सर्च अभियान में लखनऊ के गनेशपुर-रहमानपुर स्थित मिलेनिया रिजेंसी होटल भी जांच के केंद्र में रहा। छह मंजिला इस होटल में कुल 108 कमरे हैं। तलाशी के दौरान होटल के कमरों की साज-सज्जा और अन्य कार्यों पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने के साक्ष्य मिले।
विजिलेंस के अनुसार, होटल के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच टीम अब होटल के निर्माण, निवेश और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।
इंदिरानगर के मकान पर भी नजर
पटेलनगर स्थित तीन मंजिला आवास भी जांच में सामने आया है। यह संपत्ति आरोपित और उनके भाई की पत्नियों के नाम संयुक्त रूप से बताई गई है। इसमें साज-सज्जा और अन्य सामान पर करीब 70 लाख रुपये, जबकि भवन निर्माण पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी जांच टीम को मिली है।
इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये के अन्य निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इंदिरानगर के आर-331 में करीब 4000 वर्ग फुट क्षेत्रफल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत भी सामने आई है। यह संपत्ति अजय श्रीवास्तव की पत्नी और उनके भाई की पत्नी के नाम बताई गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
गोंडा का मकान सील, दिल्ली भी भेजी गई टीम
गोंडा स्थित अजय श्रीवास्तव के आवास पर तलाशी के समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में विजिलेंस टीम ने मकान को सील कर दिया। इस मकान के निर्माण की अनुमानित लागत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच टीम को अजय श्रीवास्तव के दिल्ली में इलाज कराने की जानकारी भी मिली है। इसके बाद विजिलेंस की टीमें दिल्ली भेजे जाने की बात सामने आई है, ताकि जांच से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को आगे बढ़ाया जा सके।
परिवार की कंपनियों की भी होगी जांच
तलाशी के दौरान अजय श्रीवास्तव के परिवार के नाम से संचालित विभिन्न कंपनियों के बारे में भी जानकारी सामने आई है। विजिलेंस अब इन कंपनियों के गठन, कारोबार, निवेश और वित्तीय लेन-देन की अलग से जांच करेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक सामने आई संपत्तियों, निर्माण कार्यों और निवेश को मिलाकर अजय श्रीवास्तव की कुल संपत्ति 28 करोड़ रुपये से अधिक पाई गई है। यह उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 763.65 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
जांच का दायरा बढ़ने के आसार
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद अजय श्रीवास्तव की संपत्तियों के स्रोत और उनमें हुए निवेश की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। खासतौर पर होटल, जमीन, निर्माणाधीन भवन और परिवार के नाम संचालित कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जाएगी। जांच में यदि आय के स्रोतों और संपत्तियों के बीच अंतर के संबंध में और साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।






