“CWG 2026 Day 5: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पांचवें दिन छह मेडल जीते। पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने शॉट पुट F57 में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। भारत की मेडल संख्या 10 पहुंची। जानिए सभी विजेताओं और पदकों की पूरी जानकारी।“
ग्लास्गो (स्कॉटलैंड)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारत ने कुल छह पदक अपने नाम किए, जिसमें पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सबसे खास रहा। शर्मिला ने महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
शर्मिला धनखड़ ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 9.81 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सीजन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा। इस स्वर्ण पदक के साथ भारत ने पैरा एथलेटिक्स में करीब 20 साल के पदक सूखे को खत्म किया।
शर्मिला ने रचा इतिहास, पैरा एथलेटिक्स में भारत को पहला गोल्ड
महिलाओं की शॉट पुट F57 प्रतियोगिता में शर्मिला शुरुआत से ही शानदार लय में नजर आईं। उनके 9.81 मीटर के थ्रो ने उन्हें शीर्ष स्थान दिलाया। इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में भारत की पहली गोल्ड मेडलिस्ट बन गईं।
इस स्पर्धा में घाना की जिनाबू इस्सा ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता। वहीं नाइजीरिया की यूकारिया इयाजी के डिस्क्वालिफिकेशन के बाद भारत की शिल्पा के. शायला को ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसके साथ ही भारत ने ग्लास्गो गेम्स में पहली बार पैरा एथलेटिक्स में डबल पोडियम फिनिश हासिल किया।
सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता सिल्वर
एथलेटिक्स में भारत के लिए दूसरा बड़ा प्रदर्शन सर्वेश कुशारे ने किया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन काउंटबैक के आधार पर वह गोल्ड मेडल से चूक गए। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने भी इतनी ही ऊंचाई पार की, लेकिन बेहतर प्रयासों के कारण उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इंग्लैंड के किमानी जैक को ब्रॉन्ज मेडल मिला।
वेटलिफ्टिंग में भारत का दबदबा, तीन पदक आए
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग भारत का मजबूत पक्ष बना हुआ है। पांचवें दिन इस खेल में भारत ने तीन और पदक जीते।
ज्ञानेश्वरी यादव ने डेब्यू में जीता सिल्वर
महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर शानदार शुरुआत की।
23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम शामिल रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने सभी छह प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए।
बिंद्यारानी देवी को मिला ब्रॉन्ज
मणिपुर की स्टार वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया।
बिंद्यारानी ने चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इस जीत के साथ उन्होंने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल किया।
वल्लूरी अजय बाबू ने जीता सिल्वर
पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के वल्लूरी अजय बाबू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
आंध्र प्रदेश के इस युवा खिलाड़ी ने स्नैच में 149 किलोग्राम का कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कुल 330 किलोग्राम (149 किग्रा स्नैच और 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया।
मलेशिया के मुहम्मद एरी हिदायत ने 331 किलोग्राम के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि स्कॉटलैंड के क्रिस मरे ने ब्रॉन्ज पदक हासिल किया।
भारत के पदकों की संख्या पहुंची 10
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 10 पहुंच गई है। भारतीय दल ने अब तक वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है।
शर्मिला धनखड़ के ऐतिहासिक गोल्ड के बाद भारतीय खिलाड़ियों की नजरें अब आने वाली प्रतियोगिताओं में पदकों की संख्या बढ़ाने पर हैं।
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