“अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि ‘अलीगढ़ में पक्षी भी हमसे पूछकर उड़ता है।’ उन्होंने मुहर्रम की तैयारियों, प्रशासन की सतर्कता और सांप्रदायिक सौहार्द पर भी अपनी बात रखी।“
अलीगढ़। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलीगढ़ सांसद Satish Gautam का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कानून-व्यवस्था पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि “अलीगढ़ में पक्षी भी हमसे पूछकर उड़ता है।” उनके इस बयान को जिले में प्रशासनिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए दावे के रूप में देखा जा रहा है।
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि अलीगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट
मुहर्रम की तैयारियों के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर सांसद ने कहा कि शहर में निकलने वाले सभी ताजिया और जुलूसों का रूट तथा समय जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि अलीगढ़ में विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण है और इस वर्ष भी मुहर्रम के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस दोनों ही त्योहारों के दौरान विशेष निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
सभी समुदायों की भावनाओं का रखा जाएगा ध्यान
सतीश गौतम ने कहा कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अलीगढ़ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि दोनों अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं।
एएमयू का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान सांसद ने Aligarh Muslim University का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही विश्वविद्यालय है, जिसके परिसर में “वंदे मातरम्” और “जय श्रीराम” के नारे भी गूंज चुके हैं। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और बदलते माहौल का संकेत बताया।
बयान पर शुरू हुई चर्चा
सांसद के “पक्षी भी हमसे पूछकर उड़ता है” वाले बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समर्थक इसे जिले में मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। हालांकि सांसद का मुख्य जोर मुहर्रम के दौरान शांति, सद्भाव और प्रशासनिक सतर्कता पर रहा।
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