“आगरा के चर्चित डॉ. उमाकांत गुप्ता अपहरण कांड में साहसिक कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को गैलेंट्री मेडल मिला है। तत्कालीन SSP मुनिराज जी समेत पांच पुलिसकर्मियों को दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर डॉक्टर को सकुशल मुक्त कराने के लिए सम्मानित किया गया।“
आगरा। वर्ष 2021 में आगरा के चर्चित डॉ. उमाकांत गुप्ता अपहरण और फिरौती कांड में साहसिक कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया है। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी समेत पांच पुलिसकर्मियों को पुलिस मेडल फार गैलेंट्री प्रदान किया गया है। इन पुलिसकर्मियों ने पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अगवा किए गए डॉक्टर को सकुशल मुक्त कराने के साथ ही मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया था।
हनी ट्रैप में फंसाकर किया गया था डॉक्टर का अपहरण
21 जुलाई 2021 को ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित विद्या नर्सिंग होम के संचालक डॉ. उमाकांत गुप्ता का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि मंगला उर्फ अंजली नाम की युवती ने डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया था। उसने डॉक्टर को मिलने के लिए भगवान टाकीज के पास बुलाया था। डॉक्टर के वहां पहुंचते ही उसके साथियों ने उन्हें दबोच लिया और गाड़ी में डालकर धौलपुर की ओर ले गए।
अपहरणकर्ताओं ने डॉक्टर की रिहाई के बदले पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने डॉक्टर की तलाश में व्यापक अभियान शुरू किया।
जगनेर के जंगल में हुई थी मुठभेड़
पुलिस टीम को डॉक्टर के अपहरण में दस्यु केशव गुर्जर गिरोह से जुड़े बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जगनेर थाना क्षेत्र के कछपुरा के जंगलों में बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदन सिंह और अक्षय नाम के दो बदमाश मारे गए। बदन सिंह पर उस समय एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने डॉक्टर उमाकांत गुप्ता को सकुशल मुक्त करा लिया था।
पुलिस अधिकारियों पर भी बदमाशों ने की थी फायरिंग
मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी और एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बदमाशों का सामना किया। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग के बीच पुलिसकर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। इसी साहसिक कार्रवाई के लिए टीम के सदस्यों को गैलेंट्री मेडल के लिए चुना गया।
इन पांच पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
भारत सरकार की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित पुलिस मेडल फार गैलेंट्री पाने वालों में तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता, सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी प्रशांत चौहान और मुख्य आरक्षी आदेश त्रिपाठी शामिल हैं।
अलग-अलग जिम्मेदारियों पर तैनात हैं पुलिसकर्मी
मुनिराज जी वर्तमान में डीआईजी मुरादाबाद रेंज के पद पर तैनात हैं। सत्यजीत गुप्ता कानपुर कमिश्नरेट में डीसीपी पूर्वी हैं। इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह वर्तमान में एडीजी आगरा जोन कार्यालय में तैनात हैं। मुख्य आरक्षी प्रशांत चौहान एसटीएफ की आगरा यूनिट में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि मुख्य आरक्षी आदेश त्रिपाठी गाजियाबाद में तैनात हैं।
उस समय एडीजी आगरा जोन थे राजीव कृष्ण
डॉक्टर उमाकांत गुप्ता अपहरण कांड के समय राजीव कृष्ण आगरा जोन के एडीजी थे। पुलिस टीम की कार्रवाई में डॉक्टर को सकुशल मुक्त कराने और अपहरण में शामिल बदमाशों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया था।
साहसिक कार्रवाई के लिए मिला सम्मान
डॉक्टर के अपहरण के बाद बदमाशों से मुकाबला करते हुए पुलिस टीम ने जिस तरह अभियान चलाया, उसमें न केवल अपहृत डॉक्टर को सुरक्षित बचाया गया बल्कि मुठभेड़ में दो बदमाश भी मारे गए। इसी साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए तत्कालीन एसएसपी समेत पांच पुलिसकर्मियों को इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया है।








