“UP Ayush Smart Class 2026: योगी सरकार उत्तर प्रदेश के 17 आयुष कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम शुरू करेगी। आयुर्वेद और होम्योपैथी छात्रों को LMS, डिजिटल लर्निंग और इंटरएक्टिव शिक्षा की सुविधा मिलेगी। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जिलों के कॉलेज शामिल।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने राज्य के आयुष कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने का फैसला किया है।
इसके तहत प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में कुल 51 अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों के जरिए विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक आधारित इंटरैक्टिव शिक्षा का अनुभव मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्मार्ट क्लासरूम
आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी ने बताया कि सरकार की मंशा आयुष शिक्षा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल, आधुनिक ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से छात्र मल्टीमीडिया कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन और रियल टाइम इंटरएक्शन का लाभ उठा सकेंगे।
साथ ही विद्यार्थी देश और दुनिया में हो रहे नए शोध और चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी से भी सीधे जुड़ सकेंगे।
इन जिलों के कॉलेजों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे।
इसके अलावा लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी के आयुर्वेदिक संस्थानों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।
सरकार ने इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम से बदलेगी पढ़ाई की व्यवस्था
पूरी व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) आधारित केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।
इस प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेक्चर, असाइनमेंट, अध्ययन सामग्री और प्रोग्रेस रिपोर्ट जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही डिजिटल कंटेंट रिपॉजिटरी भी तैयार की जाएगी, जिससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी और कहीं से भी पढ़ाई कर सकेंगे।
शोध और डिजिटल स्किल्स को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि स्मार्ट क्लासरूम की यह पहल आयुष छात्रों में डिजिटल स्किल्स, रिसर्च क्षमता और पेशेवर दक्षता विकसित करने में मदद करेगी।
इसके जरिए पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा को नई तकनीक से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर आयुष पद्धति को मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
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