“कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जानिए इंस्टाग्राम पर 1.24 करोड़ फॉलोअर्स वाली इस satirical meme movement की शुरुआत कैसे हुई, घोषणापत्र में क्या मांगें हैं और क्यों चर्चा में है CJP।“
नई दिल्ली। इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — ‘कॉकरोच जनता पार्टी’। यह कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन है, जिसने कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों का ध्यान खींच लिया। इंस्टाग्राम पर इसके 1.24 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं और युवा वर्ग में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
कैसे हुई शुरुआत?
बताया जा रहा है कि यह डिजिटल अभियान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ यानी तिलचट्टों से किए जाने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसी के विरोध और व्यंग्य के रूप में 16 मई 2026 को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की गई।
इस अभियान को शुरू करने वाले अभिजीत दिपके बताए जा रहे हैं, जो बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और पहले आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया वालंटियर भी रह चुके हैं।
इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेहद तेजी से फॉलोअर्स बढ़े। कुछ ही दिनों में यह संख्या 1.24 करोड़ तक पहुंच गई। पार्टी का दावा है कि एक लाख से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं।
सोशल मीडिया पर इस अभियान को युवाओं की नाराजगी, बेरोजगारी और व्यवस्था के खिलाफ डिजिटल व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पार्टी का दावा?
इस डिजिटल आंदोलन की टैगलाइन है—
“एक ऐसी राजनीतिक पार्टी, जिसे सिस्टम गिनना ही भूल गया।”
पार्टी खुद को उन युवाओं की आवाज बताती है जिन्हें “आलसी”, “हमेशा ऑनलाइन” या “बेरोजगार” कहकर नजरअंदाज किया जाता है।
सदस्य बनने की शर्तें भी वायरल
पार्टी की वेबसाइट पर सदस्यता को लेकर मजाकिया अंदाज में लिखा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बेरोजगार है, इंटरनेट पर सक्रिय रहता है और “प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकाल सकता है”, तो वह सदस्य बन सकता है।
सदस्यता को मुफ्त और आजीवन बताया गया है।
घोषणापत्र की पांच बड़ी बातें
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अपना एक व्यंग्यात्मक घोषणापत्र भी जारी किया है, जिसमें कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को उठाया गया है। इनमें प्रमुख बातें शामिल हैं—
- वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग
- महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात
- दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
- मीडिया स्वामित्व और निष्पक्षता पर सवाल
- सेवानिवृत्ति के बाद संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर टिप्पणी
क्या यह असली राजनीतिक पार्टी है?
नहीं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह पूरी तरह सोशल मीडिया आधारित व्यंग्यात्मक अभियान और मीम मूवमेंट है।
हालांकि, इसकी लोकप्रियता ने यह जरूर दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक व्यंग्य कितनी तेजी से बड़े आंदोलन का रूप ले सकते हैं।
चुनाव चिन्ह और मुख्यालय भी चर्चा में
इस डिजिटल अभियान का चुनाव चिन्ह ‘कॉकरोच’ रखा गया है, जिसे विपरीत परिस्थितियों में भी जीवित रहने और संघर्ष का प्रतीक बताया गया है।
वहीं पार्टी ने अपने मुख्यालय का पता मजाकिया अंदाज में लिखा है—
“जहां भी वाई-फाई काम कर रहा हो।”
क्यों हो रही इतनी चर्चा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ एक मीम नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर मौजूद बेरोजगारी, राजनीतिक असंतोष और सोशल मीडिया संस्कृति का मिला-जुला रूप है। यही वजह है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कुछ दिनों में ही देशभर में चर्चा का विषय बन गई।
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