“झांसी बस हादसा: नेशनल हाईवे-27 पर इंदौर से लखनऊ जा रही शताब्दी बसेरा ट्रेवल्स की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 16 यात्री घायल हुए, सभी खतरे से बाहर हैं। यात्रियों ने चालक पर तेज गति और लापरवाही का आरोप लगाया।“
झांसी। नेशनल हाईवे-27 पर रविवार सुबह इंदौर से लखनऊ जा रही शताब्दी बसेरा ट्रेवल्स की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा मिनी स्टेडियम के पास हुआ। बस में करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें से 16 घायल हो गए। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने बस का आगे का शीशा तोड़कर और इमरजेंसी गेट के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
हादसे की सूचना यात्रियों ने डायल-112 पर दी। जानकारी मिलते ही पीआरबी टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद कोतवाली प्रभारी मोठ धर्मेंद्र सिंह कोड़ी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोठ पहुंचाया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार किया गया।
चालक बोला- अचानक सामने आ गई गाय
बस चालक अजीत के अनुसार, सड़क पर अचानक गाय आ जाने के कारण उसने बस को बचाने के लिए बाईं ओर मोड़ा। इसी दौरान बस अनियंत्रित हो गई और कुछ दूर जाकर सड़क किनारे पलट गई।
हालांकि, यात्रियों ने चालक के इस दावे से असहमति जताई। यात्री शिवा ने बताया कि वह उज्जैन से लखनऊ जा रहा था। उसके अनुसार चालक ओवरटेक करने के प्रयास में बस को नियंत्रित नहीं कर सका, जिसके बाद बस सड़क से नीचे उतरकर पलट गई।
यात्रियों ने लगाया तेज रफ्तार और लापरवाही का आरोप
यात्री विष्णु गुप्ता ने भी चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बस के सामने कोई गाय नहीं आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक ओवरटेक करते समय बस को सड़क से नीचे ले गया, जिसके बाद बस पलट गई।
यात्रियों का आरोप है कि बस काफी तेज गति से चलाई जा रही थी और ब्रेकर पर भी चालक बस की गति कम नहीं कर रहा था। यात्रियों ने चालक से धीमी गति में बस चलाने की शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद बस तेज रफ्तार में चलती रही।
शीशा तोड़कर बाहर निकले यात्री
हादसे के बाद बस में फंसे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने आगे का शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कुछ यात्री इमरजेंसी गेट और खिड़की के रास्ते बाहर निकले।
यात्री विष्णु गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद उनका कुछ सामान अभी भी बस के अंदर फंसा हुआ है। घटना के बाद कुछ यात्रियों ने चालक और दूसरे चालक से नाराजगी जताई और उनसे बहस भी की।
सभी घायल खतरे से बाहर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोठ के चिकित्सक डॉ. शशिकांत राजपूत ने बताया कि हादसे में घायल 16 यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी खतरे से बाहर हैं।
पीआरबी प्रभारी हेड कांस्टेबल मोहम्मद शरीफ खान ने बताया कि सुबह करीब छह बजे बस पलटने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी मोठ पहुंचाया। इसके बाद घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई।
हादसे में घायल यात्री
हादसे में राहुल गुप्ता (31), आकाश (26), राकेश पाल (48), मोहम्मद रिहान (24), प्रगति सिंह (34), अनुराग दीक्षित (31), रवि वर्मा (31), गीता देवी (40), कन्हैयालाल (36), देवेंद्र (30), अमन (17), मोहित शर्मा (21), अमित खरे (28), हेमंत सोनी (28), सुनीत सिंह (32), चालक और आर्यन त्रिपाठी (35) घायल हुए।
पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल चालक के गाय को बचाने वाले दावे और यात्रियों द्वारा लगाए गए तेज रफ्तार व ओवरटेक के आरोपों के बीच हादसे की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।








