“सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान यूपी और बिहार का कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह मारा गया। 1.25 लाख रुपये के इनामी बदमाश पर हत्या, लूट, डकैती और पुलिसकर्मियों पर हमले समेत 13 गंभीर मामले दर्ज थे। जानिए पूरी कार्रवाई और उसका आपराधिक इतिहास।“
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह का सोमवार तड़के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान अंत हो गया। 1.25 लाख रुपये के इनामी इस बदमाश को पुलिस ने सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई मुठभेड़ में मार गिराया। गोली लगने से घायल लल्लन सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि उसका एक साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा।
चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में सरसावा-नकुड़ मार्ग पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां दिखाई दीं। जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।

अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान लल्लन सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी जंगल के रास्ते भाग निकला। घायल बदमाश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यूपी और बिहार पुलिस का मोस्ट वांटेड था लल्लन सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने बताया कि मारा गया अपराधी बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और उत्तर प्रदेश तथा बिहार की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस प्रकार उस पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम था।
हत्या, डकैती और पुलिसकर्मियों पर हमले के दर्जनों मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लल्लन सिंह के खिलाफ हत्या, डकैती, कैश वैन लूट, बैंक लूट, हथियार लूट, रंगदारी और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे गंभीर अपराधों के कुल 13 मुकदमे दर्ज थे। वह सात हत्याओं के मामलों में वांछित था।

उसके आपराधिक इतिहास में दो पुलिस उपनिरीक्षकों की हत्या, एक बैंक कैशियर की हत्या तथा एक निजी सुरक्षा गार्ड की हत्या जैसी सनसनीखेज वारदातें शामिल थीं। पुलिस का कहना है कि वह बेहद शातिर अपराधी था और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसकी गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी।
2022 में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद आया था सुर्खियों में
वर्ष 2022 में वाराणसी में हुई एक चर्चित घटना के बाद लल्लन सिंह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था। आरोप है कि उसने एक पुलिस उपनिरीक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली थी। इस घटना के बाद उसका नाम प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल कर लिया गया था।
इसके अलावा चंदौली और आसपास के जिलों में हुई कई लूट और फायरिंग की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी।
कई राज्यों तक फैला था अपराध का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार लल्लन सिंह अपने भाइयों और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अपराधों को अंजाम देता था। उसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी थे और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
फरार साथी की तलाश में छापेमारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस की कई टीमें फरार बदमाश की तलाश में जुटी हुई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और पड़ोसी जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की जांच और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
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