“मेरठ में दारोगा ने घर पर लगाए पलायन के पोस्टर। हिस्ट्रीशीटर पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आरोप लगाए गए। एसएसपी ने सीओ कोतवाली को जांच सौंपी।“
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दारोगा के घर पर पलायन के पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। लिसाड़ी गेट के श्यामनगर निवासी और वर्तमान में गाजियाबाद के लोनी थाने में तैनात दारोगा निजामुद्दीन ने अपने पड़ोसी अतीक अहमद पर लगातार परेशान करने, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद दारोगा के स्वजन ने बुधवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति से मुलाकात कर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ कोतवाली को सौंपी है।
दारोगा का आरोप- रात में हंगामा और गाली-गलौज करता है पड़ोसी
दारोगा निजामुद्दीन के अनुसार, उनकी तैनाती लोनी थाने में है और ड्यूटी के कारण वह ज्यादातर समय घर से बाहर रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा यूपीएससी की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
दारोगा का आरोप है कि पड़ोसी अतीक अहमद रात में शराब पीकर हंगामा और गाली-गलौज करता है। विरोध करने पर मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
फोटो और मोबाइल नंबर अपराधियों को देने का लगाया आरोप
निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि अतीक अहमद ने उनके फोटो और मोबाइल नंबर अपराधियों को दे दिए हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा है।
दारोगा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही हैं। उनके मुताबिक, एक सितंबर की रात उनके साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लिसाड़ी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
परिवार ने एसएसपी से कहा- सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बुधवार को दारोगा के स्वजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि परिवार अतीक की कथित हरकतों से परेशान है और उन्हें अपने तथा दोनों बेटों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
स्वजन ने आशंका जताई कि दोनों बेटों को किसी फर्जी मामले में फंसाया जा सकता है। उनका आरोप था कि शिकायत और रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण परिवार ने पलायन का फैसला लिया।
एसएसपी ने सीओ कोतवाली को सौंपी जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सीओ कोतवाली को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस जांच में दोनों पक्षों की शिकायतों और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
अतीक अहमद ने भी लगाए दारोगा पर आरोप
दूसरी ओर, अतीक अहमद ने दारोगा के आरोपों को खारिज करते हुए अलग पक्ष रखा है। उसका कहना है कि दारोगा उसका मकान जबरन खरीदना चाहता है।
अतीक का आरोप है कि इसी विवाद के चलते दारोगा और उसके दोनों बेटे उसके साथ मारपीट करते हैं और उसके खिलाफ कई फर्जी मामले दर्ज कराकर उसे अपराधी बनाने की कोशिश की जा रही है। उसने दारोगा और उसके दोनों बेटों के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने तथा एसएसपी कार्यालय में कई शिकायतें देने की बात कही है।
मकान को लेकर विवाद का भी सामने आया पहलू
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक ओर दारोगा ने उत्पीड़न, मारपीट और सुरक्षा खतरे की बात कही है, तो दूसरी ओर अतीक ने मकान खरीदने के लिए दबाव बनाने और मारपीट का आरोप लगाया है।
एक अन्य हालिया रिपोर्ट में भी अतीक की ओर से मकान बेचने के दबाव, धमकी और मारपीट से संबंधित शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की स्थिति
एसएसपी ने दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की मूल वजह क्या है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल पुलिस स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।
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