“Lucknow Double Murder Case में दिव्या मिश्रा और तुलिका की हत्या के करीब एक महीने बाद FIR दर्ज हुई। मृतक मानस बाजपेयी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस हथियार और साजिश के एंगल की जांच करेगी।“
लखनऊ। गोमतीनगर में 20 अगस्त को हुए दिव्या मिश्रा और उनकी बहन तुलिका के चर्चित हत्याकांड में करीब एक महीने बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्रा की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में दिव्या के पति मानस बाजपेयी को हत्या का आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद मानस ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
दिव्या के पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
राजाजीपुरम निवासी सतीश चंद्र मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 20 अगस्त को उनकी बेटी दिव्या की मिठाई वाले चौराहे के पास आईसीआईसीआई बैंक के गेट के बाहर गोली मारकर हत्या की गई। शिकायत के मुताबिक, दिव्या को गोली मानस ने मारी थी।
इसके बाद मानस विरामखंड स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तुलिका को भी गोली मार दी। बाद में मानस ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
26 अगस्त को भेजी गई थी तहरीर
सतीश मिश्रा के मुताबिक, उनकी छोटी बेटी प्रज्ञा मिश्रा ने 26 अगस्त को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पुलिस को तहरीर भेजी थी। उनका कहना है कि उस समय उनकी जानकारी में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
अब शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसीपी गोमतीनगर रत्नेश सिंह के मुताबिक, पुलिस को मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
FIR के बाद हथियार के स्रोत की जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच में अब हथियार से जुड़े सवाल अहम हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मानस के पास हथियार कहां से आए थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे हथियार उपलब्ध कराए थे।
पुलिस उस अधिवक्ता के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिस पर मानस को असलहा उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
ऑटो चालक से दोबारा पूछताछ संभव
घटना के समय मानस के साथ मौजूद ऑटो चालक मुकेश से पुलिस दोबारा पूछताछ कर सकती है। बताया गया है कि मानस के बुलाने पर मुकेश उसके पास पहुंचा था और उसे मिठाई वाले चौराहे स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लेकर गया था।
आरोप के मुताबिक, वहीं मानस ने दिव्या को गोली मारी। इसके बाद उसने कथित तौर पर मुकेश को हथियार दिखाकर उसे उसरियां चौराहे तक छोड़ने के लिए कहा। डर की वजह से मुकेश उसे वहां ले गया। इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां तुलिका की हत्या हुई।
मृत व्यक्ति के खिलाफ FIR को लेकर कानूनी सवाल
मामले में मृत व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर कानूनी सवाल भी उठ रहा है। अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल के मुताबिक, सामान्य कानूनी प्रक्रिया में मृत व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। ऐसे में इस पहलू की भी कानूनी जांच जरूरी होगी।
मानस की घटना के बाद मौत हो चुकी है, इसलिए उसके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई संभव नहीं है। हालांकि, अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका, मदद या साजिश सामने आती है तो पुलिस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है।
घटनास्थल से तीन हथियार बरामद हुए थे
घटना के बाद पुलिस को मानस के पास से तीन हथियार मिले थे। कमरे में मानस और तुलिका के शव बेड पर मिले थे। शवों के पास से दो पिस्टल और एक तमंचा बरामद किए जाने की बात सामने आई थी।
घटना से पहले मानस ने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस भी लगाया था, जिसमें पत्नी की हत्या और खुदकुशी करने की बात लिखे जाने की जानकारी सामने आई थी।
पत्नी से विवाद की बात भी सामने आई थी
मानस भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी था। बताया गया था कि उसका पत्नी दिव्या के साथ विवाद चल रहा था। हालांकि, विवाद की वजह क्या थी और आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि दिव्या और तुलिका की हत्या के बाद मानस ने भी आत्महत्या कर ली, इसकी पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस अब एफआईआर में लगाए गए आरोपों, हथियारों के स्रोत, ऑटो चालक के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”







