“Lucknow Protest: लखनऊ के 1090 चौराहे पर सवर्ण मोर्चा ने यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी निकालकर विरोध जताया और यूजीसी रोल बैक के साथ आरक्षण खत्म करने की मांग की।“
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आरक्षण के विरोध में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन हुआ। संगठन से जुड़े सैकड़ों लोगों ने 1090 चौराहे पर पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी निकाली गई और UGC रोल बैक के नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ और UGC रोल बैक से संबंधित तख्तियां ले रखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी उठाई।
पांच थानों की पुलिस रही तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर पांच थानों की पुलिस तैनात रही। प्रदर्शन के दौरान बालू अड्डा चौराहे से 1090 चौराहे के बीच कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। संगठन के अनुसार छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।
सवर्ण सांसद-विधायकों की निकाली सांकेतिक अर्थी
विरोध प्रदर्शन के दौरान सवर्ण मोर्चा की ओर से सवर्ण सांसदों और विधायकों की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सत्ता में बैठे सवर्ण नेताओं से अपने मुद्दों पर सवाल करने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ‘मुर्दा है भाई, मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है’ जैसे नारे भी लगाए।
संगठन में OBC वर्ग के लोगों के शामिल होने का दावा
सवर्ण मोर्चा के प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि संगठन की ओर से OBC वर्ग के लोगों के भी शामिल होने का दावा किया गया।
मोर्चा के प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रदर्शन को ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, कायस्थ सहित अन्य वर्गों का भी समर्थन मिल रहा है।
‘सत्ता में बैठे सवर्ण नेताओं से लगातार सवाल’
मोर्चा के संयोजक संदीप सिंह ने कहा कि संगठन सत्ता में बैठे सवर्ण समाज के नेताओं से लगातार सवाल कर रहा है। उन्होंने आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों का विरोध किया।
संदीप सिंह ने यह भी दावा किया कि UGC और आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह समाप्त होने पर ही वर्ष 2029 के चुनाव में भाजपा सत्ता में आएगी। उन्होंने आरक्षण के जरिए IAS और PCS बनने वाले अभ्यर्थियों को लेकर भी सवाल उठाया।
ये प्रदर्शनकारियों और संगठन की ओर से व्यक्त किए गए राजनीतिक विचार हैं।
प्रदर्शनकारियों ने खुद को बताया ‘संवैधानिक अछूत’
प्रदर्शनकारी राहुल सिंह चौहान ने कहा कि उनका वर्ग खुद को ‘संवैधानिक अछूत’ महसूस कर रहा है। उन्होंने UGC-2026 के संदर्भ में भी अपनी आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें आशंका है कि इससे उनके बच्चों के अवसर प्रभावित होंगे।
उपमुख्यमंत्री से मुलाकात पर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि शनिवार को कुछ लोग उपमुख्यमंत्री से मिले थे, लेकिन इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन दिल्ली में चल रहा है, जबकि लखनऊ में इसे संभालने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोप और राजनीतिक दावे प्रदर्शनकारियों के बयान हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
आरक्षण और UGC के मुद्दे पर आगे भी आंदोलन के संकेत
लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों पर सवर्ण संगठनों की नाराजगी को सामने लाता है। संगठन की ओर से आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।
फिलहाल प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े अप्रिय घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन हुआ और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
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