जब नाना पाटेकर ने की थी सीएम योगी और यूपी पुलिस की तारीफ

“नाना पाटेकर ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस की कानून व्यवस्था की तारीफ की थी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जागरूकता अभियान और पुलिस के आधुनिकीकरण की भी सराहना की थी। 75 वर्ष की उम्र में अभिनेता का निधन हो गया।“

लखनऊ। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। नाना पाटेकर का उत्तर प्रदेश से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और यूपी पुलिस के कामकाज की खुलकर सराहना की थी।

अभिनेता ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा था कि इतने बड़े और विविधता वाले राज्य में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आसान काम नहीं है। उन्होंने योगी सरकार की कार्यशैली और पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की थी।

लखनऊ के कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ हुए थे शामिल

नाना पाटेकर लखनऊ में यूपी पुलिस के आधिकारिक थीम सॉन्ग ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

इस दौरान अभिनेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने के सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

नाना पाटेकर ने कहा था कि उन्होंने पिछले कई दशकों में उत्तर प्रदेश में काफी बदलाव देखा है। उनके मुताबिक, प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का विश्वास बढ़ा है और प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार नजर आता है।

‘पुलिस जितनी आधुनिक होगी, नागरिक उतना सुरक्षित होगा’

अभिनेता ने पुलिस के आधुनिकीकरण और नागरिक जागरूकता के महत्व पर भी जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस जितनी आधुनिक होगी, नागरिक उतना सुरक्षित होगा और नागरिक जितना जागरूक होगा, अपराधियों के लिए काम करना उतना ही मुश्किल होगा।

उनके इस बयान को यूपी पुलिस की बदलती कार्यप्रणाली और तकनीक के इस्तेमाल के संदर्भ में देखा गया था। नाना पाटेकर ने पुलिसकर्मियों के सामने आने वाली चुनौतियों की भी चर्चा की थी।

डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ जागरूकता अभियान की तारीफ

नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई फिल्म की भी सराहना की थी।

उन्होंने कहा था कि अगर कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सकती है या किसी बुजुर्ग को साइबर ठगी से बचाया जा सकता है तो इससे बड़ा सामाजिक योगदान कुछ नहीं हो सकता।

अभिनेता ने इस पहल को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए पुलिस और कलाकारों के बीच जागरूकता अभियानों में सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया था।

पुलिसकर्मियों के काम को बताया चुनौतीपूर्ण

नाना पाटेकर ने पुलिस अधिकारियों और जवानों के काम की तुलना फिल्मी दुनिया से करते हुए कहा था कि पुलिसकर्मियों के पास फिल्मों की तरह रीटेक का विकल्प नहीं होता। उन्हें कठिन परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेना पड़ता है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों के कर्तव्य और जिम्मेदारी की सराहना करते हुए कहा था कि मौके पर सही फैसला लेना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है।

सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ भी रहे थे

नाना पाटेकर के जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू सेना से उनका जुड़ाव भी रहा। अगस्त 1999 में उन्होंने सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ एलओसी पर समय बिताया था। इस दौरान वह सैन्य जवानों के साथ रहे और मिलिट्री हॉस्पिटल में भी काम किया था।

उन्होंने एक कार्यक्रम में बताया था कि जब वह श्रीनगर पहुंचे थे तो उनका वजन करीब 76 किलोग्राम था। सेना के साथ रहते हुए वहां के अनुशासन और नियमों का पालन करने के कारण उनका वजन घटकर करीब 56 किलोग्राम रह गया था।

तीन फिल्मों के लिए मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उन्हें तीन फिल्मों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

  • परिंदा — 1990, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
  • क्रांतिवीर — 1995, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
  • अग्नि साक्षी — 1997, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता

उनके अभिनय की खासियत यह रही कि उन्होंने गंभीर, सामाजिक और चुनौतीपूर्ण किरदारों को प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारा।

75 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा में निधन हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया।

गोवा के मणिपाल अस्पताल के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, उन्हें करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की बात कही गई।

नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया, जिसने अपने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और सार्वजनिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उत्तर प्रदेश में उनके द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस की की गई सराहना भी उनके प्रशंसकों और प्रदेश के लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Back to top button