ईरान पर हमले की आशंका बढ़ी: ट्रंप बोले- बातचीत नहीं हो रही, जल्द कुछ बड़ा होने वाला है; तेहरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिका-इजरायल की संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं के बीच ईरान की चेतावनी, पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

  • ट्रंप के बयान से बढ़ी हलचल, ईरान ने नए हमले की स्थिति में जवाब देने की दी चेतावनी

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल बातचीत की स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन आने वाले समय में कुछ बड़ा हो सकता है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क ‘न्यूजनेशन’ की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के साथ संपर्क को लेकर अनिश्चितता जताई। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत पर क्या कहा?

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत जारी है, तो उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल औपचारिक बातचीत चल रही है। हालांकि, उनके मुताबिक जल्द ही किसी न किसी तरह का घटनाक्रम सामने आ सकता है।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कुछ लोगों को उम्मीद है कि अमेरिकी चुनाव के बाद स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी रणनीति पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने ईरान के प्रति अपने प्रशासन की नीति की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस मामले में प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मौजूदा स्थिति को सीमित टकराव जैसा बताया और दावा किया कि अमेरिका सैन्य तथा आर्थिक, दोनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान के साथ संभावित समझौते की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। हालांकि, ट्रंप के इन बयानों से दोनों देशों के बीच भविष्य में बातचीत होगी या तनाव बढ़ेगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में हमले की योजना का दावा

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका और इजरायल ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के लिए योजनाएं तैयार की हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन योजनाओं में ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु ठिकानों तथा मिसाइल और ड्रोन से जुड़े सैन्य संसाधनों को निशाना बनाने की संभावनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि दोनों देशों की सेनाएं अपनी तैयारियों और अभ्यास को तेज कर रही हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में सामने आए दावों को संभावित योजनाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि हमला करने का अंतिम फैसला लिया जा चुका है।

ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि उस पर नया हमला हुआ तो वह जवाब देगा। ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट ‘स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क’ (SNN) के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने अमेरिका के शक्तिशाली बमों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान भी ऐसा जवाब दे सकता है, जिसकी अमेरिका ने कल्पना नहीं की होगी।

ईरानी प्रवक्ता ने कथित तौर पर एक हथियार को ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ यानी ‘सभी बमों का पिता’ कहा। हालांकि, ईरान ने इस हथियार की तकनीक, क्षमता या वास्तविक स्वरूप के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का मामला?

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान की गहराई में स्थित पिकएक्स माउंटेन परमाणु सुविधा को निशाना बनाने के संभावित विकल्पों पर विचार किया था। इस संदर्भ में 22,000 पाउंड के GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) बम का भी उल्लेख किया गया, जिसे आम तौर पर ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है।

फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की वास्तविक स्थिति तथा संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बयान और कूटनीतिक गतिविधियां पश्चिम एशिया की स्थिति के लिए अहम साबित हो सकती हैं।

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