
नई दिल्ली : दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। नेताओं ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि यह रैली जनता की मांग पर आयोजित की जा रही है। लोगों को चुनाव से जुड़े आरोपों पर सरकार और चुनाव आयोग से जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग को लगता है कि सब कुछ सही है, तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथ्यों और सबूतों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देने से सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से उसकी संवैधानिक छवि प्रभावित हो रही है।
वहीं, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि विपक्ष पूरी तरह एकजुट है और रैली को सफल बनाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और प्रशासन रैली को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। बर्क ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और SIR पर रोक नहीं लगती, तब तक विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।

शशि थरूर ने मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में एक-दो मृत लोगों के नाम रह जाना स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन 13 करोड़ वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीनने का अधिकार नहीं है।
थरूर ने दावा किया कि देश में पिछले 80 वर्षों से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते आए हैं, लेकिन पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम नहीं हटाए गए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाने का मुद्दा गंभीर है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, INDIA गठबंधन इस रैली के जरिए संवैधानिक संस्थाओं को नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का संदेश देना चाहता है।
प्रमोद तिवारी बोले- भाजपा सरकार की विदाई तय
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने रैली की तुलना 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से करते हुए कहा कि उस समय महात्मा गांधी के आह्वान पर पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट हुआ था। आज जनता वोटों की कथित चोरी रोकने और लोकतंत्र बचाने के लिए संकल्प ले चुकी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की तानाशाही सरकार की विदाई तय है।
पवन खेड़ा ने सरकार पर डरने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की रैली से घबराए हुए हैं। उन्होंने धारा 163 लागू किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भाजपा के नेता सड़कों पर निकलते हैं, तब यह नियम लागू नहीं होता, लेकिन INDIA गठबंधन के कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन सक्रिय हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह देश की जनता की आवाज है और सरकार को इसे सुनना पड़ेगा।
अशोक गहलोत बोले- लोकतंत्र बचाना युवा पीढ़ी की बड़ी चुनौती
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह रैली सिर्फ कांग्रेस या INDIA गठबंधन की नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने के लिए एक साझा मंच है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखना आज की युवा पीढ़ी के सामने बड़ी चुनौती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कभी माफ नहीं करेंगी।
राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस से मार्च का किया आह्वान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रैली से पहले मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लोगों से कनॉट प्लेस पहुंचने और वहां से रामलीला मैदान तक साथ चलने का आह्वान किया। राहुल गांधी ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा देते हुए दोपहर 12 बजे कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
अमरा राम बोले- 2024 का चुनाव फर्जी था
CPI(M) सांसद अमरा राम ने SIR को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने राजस्थान के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 68 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। अमरा राम ने मांग की कि हटाए गए सभी नाम दोबारा जोड़े जाएं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने 2024 के चुनाव को भी फर्जी बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
रैली से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं का जुटना शुरू हो गया था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और TMC सांसदों समेत कई विपक्षी नेता वहां पहुंचे।
अखिलेश यादव ने कहा कि अन्याय की सारी हदें पार हो चुकी हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान का हवाला देते हुए मतदाताओं की संख्या में कमी को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश ने भाजपा के ‘डबल इंजन’ नारे पर तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार ‘डबल जीरो’ हो गई है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ वोट कम हुए हैं, तो इसका आंकड़ा कहां से आया और इसकी जानकारी किस आधार पर दी गई? अखिलेश ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में नाम कम होने के पीछे क्या वजह है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के सामने कई सवाल हैं, लेकिन सरकार उनका जवाब देने के बजाय दूसरों पर आरोप लगा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह आंदोलन अन्याय और झूठे वादों के खिलाफ है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने एकजुट होकर मतदाता सूची में पारदर्शिता, चुनाव आयोग की जवाबदेही और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।








