
दिल्ली पुलिस के अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान ‘इंकलाब’ का नारा लगाने और पुलिसकर्मियों की अगुवाई करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। उनकी सस्पेंशन की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही थी।
दरअसल, सोमवार (2 नवंबर) को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर के सामने अपनी मांगें रख दी हैं। उन्होंने कहा था कि पुलिसकर्मियों ने संपर्क सभा की मांग की थी, जिसे अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, इस दौरान सभी को खुलकर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया।

मांगें पूरी नहीं होने पर धरना जारी रखने की बात कही थी
एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने कहा था कि पुलिसकर्मियों की कुछ मांगें ऐसी हैं, जिन्हें उसी दिन पूरा किया जाना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो पुलिसकर्मी धरना जारी रखेंगे। उन्होंने साफ कहा था कि पुलिसकर्मी वहां से जाने वाले नहीं हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि पुलिसकर्मी प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि अपनी बात रखने के लिए संपर्क सभा में पहुंचे थे। सभा पूरी हो चुकी थी और उनकी मांगों पर वरिष्ठ अधिकारी दूसरे अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे।
पुलिस कमिश्नर के सामने रखी थीं पांच मांगें
एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के मुताबिक, उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने पांच मांगें रखी थीं। हालांकि, उन्होंने इन मांगों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने से इनकार किया था। उनका कहना था कि पुलिस कमिश्नर की ओर से फैसला लिए जाने के बाद ही वह मीडिया के सामने विस्तार से जानकारी देंगे।
अब मांगों पर फैसला होने से पहले ही एसीपी को निलंबित किए जाने से पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।








