अमेरिका में खसरे का बढ़ता प्रकोप, 3,900 के करीब मामले; न्यूयॉर्क में ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ घोषित

“अमेरिका में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। पेंसिल्वेनिया में 1,004 मामले और पांच मौतें हुई हैं, जबकि न्यूयॉर्क में 4 नवंबर तक आपातकाल घोषित है।“

नई दिल्ली। अमेरिका में खसरे (Measles) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पेंसिल्वेनिया में संक्रमण के मामले 1,000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जबकि देशभर में इस साल करीब 3,900 मामलों की पुष्टि हुई है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ घोषित कर दी है। यह आदेश 4 नवंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।

पेंसिल्वेनिया में खसरे के प्रकोप को पिछले तीन दशकों से अधिक समय में अमेरिका के किसी एक राज्य में सबसे बड़ा प्रकोप बताया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यहां अब तक 1,004 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण के कारण पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 198 संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

लैंकेस्टर काउंटी सबसे ज्यादा प्रभावित

पेंसिल्वेनिया का लैंकेस्टर काउंटी खसरे के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 391 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले तीन महीनों में संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 24 से 49 वर्ष की उम्र के लोगों में संक्रमण की दर अधिक देखी गई है। विशेषज्ञ अप्रैल से संक्रमण के तेजी से फैलने के पीछे कुछ पारंपरिक समुदायों में अपेक्षाकृत कम टीकाकरण दर को प्रमुख कारणों में गिन रहे हैं। लैंकेस्टर काउंटी में अमिश और मेनोनाइट समुदाय की बड़ी आबादी रहती है।

अमेरिका में करीब 3,900 मामले

पेंसिल्वेनिया में तेजी से बढ़ते मामलों ने पूरे अमेरिका में खसरे के फैलाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक अमेरिका में करीब 3,900 कन्फर्म्ड मामले सामने आए हैं।

आंकड़ों के आधार पर 1991 के बाद यह अमेरिका में खसरे के लिहाज से सबसे खराब साल बताया जा रहा है। पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ संक्रमण के बढ़ते मामलों के पीछे टीकाकरण कवरेज में आई कमी को अहम कारण मान रहे हैं।

95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज से नीचे पहुंचा स्तर

विशेषज्ञों के अनुसार खसरे जैसे अत्यधिक संक्रामक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आबादी में लगभग 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज जरूरी माना जाता है। इससे संक्रमण के खिलाफ सामूहिक प्रतिरक्षा यानी हर्ड इम्युनिटी मजबूत होती है।

टीकाकरण का स्तर इस सीमा से नीचे जाने पर ऐसे लोगों की संख्या बढ़ सकती है, जिन्हें संक्रमण से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती। यही वजह है कि अमेरिका में मौजूदा खसरा प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ी है।

न्यूयॉर्क में 4 नवंबर तक आपात स्थिति

पड़ोसी पेंसिल्वेनिया और ग्रामीण इलाकों में संक्रमण बढ़ने के बीच न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित की है। इसका उद्देश्य खसरे के बढ़ते मामलों से निपटने और संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूत करना है।

3 अक्टूबर, 2026 तक न्यूयॉर्क में खसरे के कुल 108 मामलों की पुष्टि हुई थी। इनमें सात मामले न्यूयॉर्क सिटी में और 101 मामले राज्य के अन्य हिस्सों में सामने आए हैं।

ओहियो में भी बढ़ रहे मामले

पेंसिल्वेनिया से सटे ओहियो में भी खसरे के संक्रमण ने चिंता बढ़ाई है। इस साल राज्य में 200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। ओहियो में भी अमिश समुदाय की बड़ी आबादी है।

न्यूयॉर्क समेत कई राज्यों में संक्रमण बढ़ने के बीच अमेरिका के खसरा-मुक्त दर्जे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नवंबर में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें इस स्थिति पर निर्णय लिया जाना है।

क्या है खसरा?

खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है। इससे शरीर पर चकत्ते निकलने के साथ बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना और आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में यह निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन यानी एनसेफलाइटिस जैसी जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकता है।

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहने वाले ऐसे लोगों में संक्रमण का खतरा काफी अधिक होता है, जिन्हें टीका नहीं लगा है या पहले खसरा नहीं हुआ है।

चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल सकते हैं दाने

खसरे में त्वचा पर निकलने वाले दाने आमतौर पर चेहरे और कानों के पीछे से शुरू होते हैं। इसके बाद ये छाती और पीठ होते हुए शरीर के दूसरे हिस्सों और पैरों तक फैल सकते हैं। त्वचा के रंग के आधार पर इनका रंग लाल, बैंगनी या भूरा दिखाई दे सकता है।

वायरस के संपर्क में आने के करीब 7 से 14 दिन बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं। शुरुआती दौर में तेज बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना और आंखों से पानी आने जैसी समस्या हो सकती है।

मुंह के अंदर दिख सकते हैं कोप्लिक स्पॉट्स

खसरे के शुरुआती लक्षणों के दो से तीन दिन बाद मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे दिखाई दे सकते हैं। इन्हें कोप्लिक स्पॉट्स कहा जाता है। इसके बाद शरीर पर रैशेज विकसित हो सकते हैं।

आमतौर पर रैशेज चेहरे या गर्दन से शुरू होकर नीचे की ओर छाती, हाथों और पैरों तक फैलते हैं। संक्रमित व्यक्ति रैश निकलने से करीब चार दिन पहले से लेकर रैश निकलने के चार दिन बाद तक वायरस दूसरों में फैला सकता है।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा

कुपोषित बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में खसरे के गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जिन बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खसरे का टीका नहीं लगा है, उनमें भी संक्रमण का जोखिम ज्यादा हो सकता है।

खसरे का कोई ऐसा विशेष उपचार नहीं है जो वायरस को सीधे खत्म कर दे। इसलिए संक्रमण से बचाव में टीकाकरण और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना महत्वपूर्ण माना जाता है।

टीका आने से पहले हर साल लाखों मौतें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, 1963 में खसरे का टीका उपलब्ध होने से पहले यह बीमारी दुनिया के कई हिस्सों में नियमित रूप से बड़े प्रकोप का कारण बनती थी। उस दौर में हर साल लगभग 26 लाख लोगों की मौत खसरे से जुड़ी वजहों से होती थी।

मौजूदा अमेरिकी प्रकोप ने एक बार फिर खसरे के खिलाफ टीकाकरण और सामुदायिक स्तर पर संक्रमण की रोकथाम के महत्व को सामने ला दिया है।

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